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राज्यसभा: कोरोना से विदेशों में 3570 भारतीय नागरिकों की मौत, केंद्र सरकार ने जारी किया आंकड़ा
Thu, 22 Jul 2021 04:49 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 22 Jul 2021 04:49 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यसभा में कोरोना वायरस महामारी के दौरान विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी साझा की। मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान विदेशों में कितने भारतीय नागरिकों की मौत हुई और कितनों को देश वापस लाया गया। इसके अलावा विदेशों में फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए शुरू किए गए वंदे भारत मिशन की जानकारी भी दी गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते 3570 भारतीय नागरिकों की मौत विदेशों में हुई है। मंत्रालय ने एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी और कहा कि यह आंकड़ा विदेशों में स्थित हमारे मिशन/पोस्ट की ओर से उपलब्ध कराए गए डाटा के आधार पर है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 60 लाख 92 हजार 264 भारतीय नागरिकों को वंदे भारत अभियान के तहत 30 अप्रैल 2021 तक विदेशों से देश वापस लाया गया।
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विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि भारत में रहने वाले कई विदेशी राजनयिक कोविड-19 महामारी से प्रभावित हुए। उन सभी राजनयिक मिशन में हर संभव चिकित्सकीय सहायता बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई गई, जिन्होंने अपने राजनयिकों और उनके परिवारों के लिए इस तरह की मदद की मांग की थी। विदेश राज्य मंत्री रंजन ने कहा कि इस मदद में अस्पताल में भर्ती कराना, टेलीमेडिसिन परामर्श, दवाएं, टीका आदि शामिल थे।
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60,92,264 Indians were brought back from foreign countries during COVID-19 under Vande Bharat Mission as on April 30, 2021: Govt tells Rajya Sabha
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 22, 2021
हंगामे के चलते स्थगित हुई राज्यसभा की कार्यवाही
वहीं, पेगासस जासूसी विवाद सहित अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को दो बार के स्थगन के बाद अंतत: दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सूचना, प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ‘पेगासस विवाद’ पर अपना बयान ढंग से नहीं दे सके। उन्हें इसे सदन के पटल पर रखना पड़ा। दोपहर दो बजे जैसे ही कार्यवाही फिर शुरू हुई, उपसभापति हरिवंश ने बयान देने के लिए वैष्णव का नाम पुकारा।
इसी समय, तृणमूल कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल के सदस्य आसन के समीप आ गए और जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने कुछ कागज फाड़ डाले और उसके टुकड़ों को हवा में लहरा दिया। उस वक्त वैष्णव पेगासस जरिए भारतीयों की जासूसी करने संबंधी खबरों व इस मामले में विपक्ष के आरोपों पर सदन में बयान दे रहे थे। तृणमूल सदस्यों ने संभवत: मंत्री के बयान की प्रति फाड़ कर उसके टुकड़े हवा में लहरा दिए।