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बोइंग का जानलेवा 737 मैक्स विमान, अब तक ले चुका है 346 की जान

Tue, 12 Mar 2019 03:40 PM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 12 Mar 2019 03:40 PM IST
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346 Killed in Boeing 737 MAX crash in five months
फाइल फोटो - फोटो : Boeing corporation

पांच महीने से भी कम वक्त में बोइंग 737 मैक्स 8 के दो नए विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिसने विमानन अधिकारियों और एयरलाइंस को इन दो घटनाओं के बीच समानताओं पर सोचने को मजबूर कर दिया। बीते साल 29 अक्तूबर को जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही लायन एयरलाइन के मैक्स 8 विमान ने जावा समुद्र में नियंत्रण खो दिया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।


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पांच महीने से भी कम वक्त में बोइंग 737 मैक्स 8 के दो नए विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिसने विमानन अधिकारियों और एयरलाइंस को इन दो घटनाओं के बीच समानताओं पर सोचने को मजबूर कर दिया। बीते साल 29 अक्तूबर को जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही लायन एयरलाइन के मैक्स 8 विमान ने जावा समुद्र में नियंत्रण खो दिया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

रविवार को इथोपिया एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान राजधानी अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद  दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि विमान हवा में लड़खड़ाते हुए देखा गया और छह मिनट बाद ही क्रैश हो गया। दोनों हादसों में 346 लोगों की जान चले गई। लायन एयर के बोइंग विमान में 189 लोग सवार थे और इथोपियन एयरलाइन के बोइंग विमान में 157 लोग सवार थे। 

इथोपिया विमान हादसे के बाद क्यों वैश्विक चिंता उभरी?

इथोपियन एयरलाइन के विमान क्रैश के पीछे की असल वजह अभी पता नहीं चल पाई है। लेकिन इस घटना के बाद से कई दशों में बोइंग विमानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। चीन, सिंगापुर, इथोपिया, ब्राजील में विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है।

भारत में भी नियामक संस्था डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने बोइंग 737 मैक्स 8 के उपयोग को लेकर एयरलाइंस कपनियों से विमानों की जानकारी मांगी है। डीजीसीए बोइंग 737 की स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रहा है। वह निर्माता और अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन दोनों के संपर्क में है। वह दूसरे देशों द्वारा की जा रही कार्रवाई पर भी नजर बनाए हुए हैं।

इन दोनों हादसों में काफी समानताएं हैं। दोनों ही विमान उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही मामलों में उड़ान भरने के बाद पायलट ने एयरपोर्ट पर लौटने का आग्रह किया। पायलटों ने विमान के नियंत्रण को लेकर समस्या आने की बात कही। यहां तक कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है। इन समानताओं ने एयरलाइंस और नियामकों को सतर्क कर दिया है।

चीन के नागर विमानन प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, विमान से संबंधित सभी पहलुओं की पुष्टि होने के बाद ही बोईंग 737 मैक्स 8 का व्यावसायिक इस्तेमाल फिर से शुरू होगा। चीनी प्रशासन ने कहा है कि विमानों को उड़ान भरने की मंजूरी देने से पहले वह बोइंग और अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन से संपर्क कर  उड़ान की सुरक्षा की पुष्टि करेगा। 

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
अभी इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इथोपिया विमान हादसे का क्या कारण था। इन दोनों विमान हादसों के कारण आपस में जुड़े हों इसका भी कोई सबूत नहीं है।

दोनों दुर्घटनाग्रस्त विमान बोइंग के नए मॉडल थे। अधिकतर देश बोइंग 737 एनजी के बदले इस नए मॉडल को ही लेना चाह रहे थे। वर्तमान में 737 एनजी भी संचालित होते हैं। बोइंग अभी तक 350 नए मॉडल 737 मैक्स वितरित कर चुकी है। एक वेबसाइट से ये जानकारी मिली है। लेकिन इन दो बड़े हादसों के बाद अब हर देश बोइंग के नए मॉडल के बारे में सोचने पर मजबूर हो गया है।

बोइंग 737 मैक्स में क्या है परेशानी?

बोइंग के नए 737 मैक्स मॉडल में मैनोवरिंग कैरेक्टरस्टीक ऑगमेनटेशन सिस्टम (एमसीएएस) लगा है। जो विमान को आपातकाल के समय सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। अगर ऊंचाई पर किसी तकनीकी खराबी के कारण खतरा महसूस हो तो इसी सिस्टम की सहायता से विमान को धीरे-धीरे नीचे लाने में मदद मिलती है।

वहीं अगर विमान खतरा होने के बावजूद भी ऊंचाई में ही उड़ता रहा और ये सिस्टम ठीक से काम ना करे तो दुर्घटना हो सकती है। इस सिस्टम के काम ना करने की स्थिति में विमान तेजी से जमीन की ओर आकर गिर जाता है।

लायन एयर विमान के एंगल-इन-अटैक सेंसर में परेशानी थी।  इंडोनेशिया में क्रैश हुए लायन एयर के विमान के 'ब्लैक बॉक्स' डाटा रिकॉर्डर से पता चला कि क्रैश विमान के एयरस्पीड इंडीकेटर में पिछली चार उड़ानों से खराबी थी। 

विमान की पिछली उड़ान के टेकनिकल लॉग से पता चला कि कप्तान के पास मौजूद एयरस्पीडिंग उपकरण में खराबी थी। वहीं पायलट और कोपायलट के पास मौजूद विमान की ऊंचाई के उपकरण भी अलग अलग आंकड़े बता रहे थे। जिससे विमान कितनी ऊंचाई पर है ये बात स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। जिसके बाद चालक दल ने जकार्ता वापस जाने का फैसला लिया।

वहीं इथोपियन एयरलाइन का जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है वह क्रैश से पहले महज 1400 घंटे ही उड़ा था। सुरक्षा के मामले में इस एयरलाइन को काफी अच्छा माना जाता है।
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