चंबा में सेना की वर्दी में दिखे 3 हथियारबंद संदिग्ध, अलर्ट
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जम्मू-कश्मीर के उड़ी में आतंकी हमले के बाद चंबा के भटियात के ककरोटी घट्टा में शुक्रवार सुबह सेना की वर्दी में हथियारों के साथ तीन संदिग्ध देखे गए। उनके हाथ में वायरलेस सेट और पीठ पर पिट्ठू था। रास्ता पूछने के बाद तीनों सड़क मार्ग से जाने की बजाय जंगल से कांगड़ा के कोटला की तरफ रवाना हो गए। रास्ता बताने वाले व्यक्ति को जब इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगी तो उसने सिहुंता पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी।
पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सभी पुलिस चौकियों और थानों को अलर्ट किया गया। साथ लगते कांगड़ा जिले में भी संदिग्ध होने की सूचना दी गई। क्षेत्र का चप्पा-चप्पा छाना गया लेकिन देर रात तक तीनों संदिग्धों का कोई पता नहीं चला। बता दें कि चंबा जिला जम्मू कश्मीर से लगता है। वर्ष 1998 में सतरूंडी काला वन में आतंकियों ने 35 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से यह क्षेत्र संवेदनशील रहा है।
सिहुंता के डुकरेड़ निवासी लाल चंद ने बताया कि वह सुबह खेतों में काम कर रहा था। उसने सेना की वर्दी में तीन हथियार बंद लोगों को देखा। उनमें से एक ने उससे पूछा कि जोल नामक स्थान कहां पर है। इस पर लाल चंद ने बताया कि यहां जोल नाम का कोई क्षेत्र नहीं है। जोलना और योल जरूर हैं। लेकिन वहां बस या वाहन से ही जाना सही रहेगा। आप गलत रास्ते पर हैं। इतना कहते ही वे तीनों बिना कुछ कहे जंगल की ओर चले गए।
अब तक नहीं मिला कोई सुराग
ककरोटी क्षेत्र में जहां तीनों संदिग्ध देखे गए हैं वहां से आगेकांगड़ा जिले का कोटला क्षेत्र लगता है। योल कस्बा धर्मशाला के पास है जो आर्मी का छावनी क्षेत्र है। डीएसपी चंबा हेडक्वाटर वीर बहादुर ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शी की शिकायत दर्ज कर संभावित क्षेत्र में दिनभर संदिग्धों की तलाश की गई। अभी किसी का पता नहीं चला है। शनिवार को भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हो सकता है शिकारी या कोई फारेस्ट गार्ड हो।
चंबा में संदिग्ध लोगों के दिखने की सूचना मिली है। दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन फिलहाल शिकायतकर्ता के अलावा अन्य किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। एहतियातन सतर्कता बढ़ा दी गई है।
- जहूर जैदी, आईजी, कानून व्यवस्था