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2जी मामला: पूर्व सीबीआई प्रमुख बोले, फैसले से दुविधा में हूं, समझ नहीं आया

Sat, 23 Dec 2017 04:52 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sat, 23 Dec 2017 04:52 AM IST
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2G scam case: Former CBI director AP Singh is surprised by the decision of a special court
2G स्कैम

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच करने वाले दल के प्रमुख और सीबीआई के पूर्व निदेशक एपी सिंह विशेष अदालत के फैसले से हैरान हैं। शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, ‘मैं इस फैसले को नहीं समझ पा रहा हूं।’

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उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया गया जबकि बचाव पक्ष की गवाही को सच माना गया। मैं दुविधा में हूं। मुझे यह फैसला समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने कहा, पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा के खिलाफ हमारा केस काफी आसान था।
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आरोप यह था कि उन्होंने सिस्टम का दुरुपयोग कर स्वान टेलीकॉम और यूनीटेक को प्राथमिकता के आधार पर स्पेक्ट्रम का लाइसेंस दिया। सामान्य प्रक्रिया में वे इसे हासिल नहीं कर सकते थे। यह भी आरोप है कि इस काम में राजा की मदद उनके निजी सचिव आर के चंदोलिया ने की।

सिंह ने कहा, राजा स्वान और यूनीटेक को लाभ क्यों पहुंचाना चाहते थे? हमने यह पाया कि जब वह पर्यावरण मंत्री थे तब दोनों कंपनियां उनसे डील कर रही थीं। दोनों कंपनियां तब रियल स्टेट का बिजनेस कर रही थीं। अब सवाल उठता है कि वे टेलीकॉम सेक्टर में क्या कर रही थीं। क्या वे राजा के साथ आईं..।

जसवंत ने जेपीसी जांच को बंद करने का सुझाव दिया था: चाको

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह ने 2जी मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच बंद करने का सुझाव दिया था। वह मानते थे कि स्पेक्ट्रम आवंटन ने देश में टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया। जसवंत 2जी मामले पर गठित 30 सदस्यीय जेपीसी के सदस्य थे।

चाको ने कहा कि जब जेपीसी की जांच आधे में पहुंच गई थी, तब जसवंत ने यह बात कही थी। चाको इस जेपीसी के प्रमुख थे। उन्होंने यहां कहा, जसवंत एक प्रख्यात राजनेता हैं। संसदीय समिति के पूर्व सीएजी विनोद राय समेत कई लोगों से पूछताछ करने के बाद सिंह ने मुझसे कहा, आप प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) से इस जांच को बंद करने के लिए क्यों नहीं कहते। भारत में जो कुछ हुआ है, वह टेलीकॉम क्रांति है। 
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