पुलिस स्मृति दिवसः देश में सितंबर, 2018 से इस साल अगस्त तक 292 पुलिसकर्मी शहीद
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देश में सितंबर, 2018 से अगस्त, 2019 तक आतंकवाद रोधी व अन्य अभियानों में 292 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। इनमें सीआरपीएफ और बीएसएफ जैसे अर्द्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल हैं। गृहमंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आजादी से लेकर इस साल अगस्त तक 35 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2018 से इस साल अगस्त तक शहीद हुए पुलिसकर्मियों में सीआरपीएफ के 67 जवान शामिल हैं। इनमें पुलवामा हमले में शहीद जवान भी शामिल हैं। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 41, आईटीबीपी के 23 और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 24 जवान शहीद हुए। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस के 20, छत्तीसगढ़ पुलिस के 14, कर्नाटक पुलिस के 12, रेलवे रक्षा बल (आरपीएफ) के 11, दिल्ली पुलिस के 10, राजस्थान पुलिस के 10, बिहार पुलिस के सात और सीआईएसएफ के छह कर्मी शहीद हुए।
इनके अलावा इस अवधि के दौरान झारखंड, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा पुलिस के साथ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), एनडीआरएफ और असम राइफल्स के जवानों के नाम भी शहीद होने वालों की सूची में हैं।
पुलिस स्मृति दिवस में पढ़े जाएंगे नाम
आंकड़ों के मुताबिक, अर्द्धसैनिक बलों के शहीद होने वाले जवानों में से ज्यादातर ने नक्सलवाद और सीमा पार आतंकवाद के चलते जान गंवाई। वहीं, राज्य पुलिस के कर्मियों ने नक्सलियों, आतंकियों, शराब व बालू माफिया और कानून व्यवस्था से जुड़े अन्य दायित्व को निभाते समय जान दी। शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के नाम सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस के दौरान पढ़े जाएंगे। यह दिवस 1959 में चीनी सैनिकों की गोलीबारी में शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है।