PBSA: 27 प्रवासी भारतीयों को किया जाएगा सम्मानित, विदेश में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए मिलेगा पुरस्कार
प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) के लिए 27 लोगों को चुना गया है। इसमें भूटान के शिक्षाविद, ब्रुनेई के एक डॉक्टर से लेकर इथियोपिया, इस्राइल व पोलैंड के नागरिक समाज के कार्यकर्ता तक शामिल हैं।
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प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का 17वां संस्करण आठ से 10 जनवरी को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को विदेशों में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) के लिए 27 लोगों को चुना गया है। इसमें भूटान के शिक्षाविद, ब्रुनेई के एक डॉक्टर से लेकर इथियोपिया, इस्राइल व पोलैंड के नागरिक समाज के कार्यकर्ता तक शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, सम्मानित किए जाने वाले नामों को समिति के उपाध्यक्ष व विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता वाले पैनल द्वारा चुना गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि समिति ने प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कारों के लिए नामांकन पर विचार किया और सर्वसम्मति से पुरस्कार विजेताओं का चयन किया।
इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित
जिन प्रवासी भारतीयों को सम्मानित किया जाएगा उनमें, विज्ञान प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के जगदीश चेन्नुपति, शिक्षा में भूटान के संजीव मेहता, कला-संस्कृति और शिक्षा में ब्राजील के दिलीप लुंडो, अलेक्जेंडर मालियाकेल शामिल हैं। चिकित्सा में ब्रुनेई के जॉन, सामुदायिक कल्याण में कनाडा के वैकुंठम अय्यर लक्ष्मणन, कला और संस्कृति में क्रोएशिया के जोगिंदर सिंह निज्जर, आईटी में डेनमार्क के रामजी प्रसाद और सामुदायिक कल्याण में इथोपिया के कन्नन अंबालम शामिल हैं। इसके अलावा जर्मनी के अमल कुमार मुखोपाध्याय, गुयाना के मोहम्मद इरफान अली, इस्राइल की रीना विनोद पुष्करणा, जापान की मकसूदा सरफी शिओतानी,मेक्सिको के राजगोपाल व अमित शामिल हैं। इसके अलावा कैलाश चंद्र लाठ, परमानंद सुखुमल दासवानी, पीयूष गुप्ता, मोहनलाल हीरा और संजयकुमार शिवभाई पटेल समेत कई नाम शामिल हैं।
इस्राइली पीएम नेतन्याहू और उनकी पत्नी की दोस्त को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार
- इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा की करीबी दोस्त रीना विनोद पुष्कर्णा इस साल के प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) के 21 विजेताओं में शामिल हैं। वह नामी शेफ, रेस्त्रां मालिक और उद्यमी हैं। पीबीएसए की घोषणा सोमवार को की गई। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला यह सर्वोच्च सम्मान है।
- रीना भारत-इस्राइल व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्र की एक प्रमुख हस्ती हैं। वह उस हाईप्रोफाइल टीम का हिस्सा थीं, जिसने 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे पर व्यंजन तैयार किए थे। 1958 में जन्मीं रीना के पिता भारतीय सेना अधिकारी थे जबकि मां इराकी-यहूदी थीं। वह 1983 में पति विनोद के साथ इजराइल चली गई थीं। उस समय भारत और इस्रायल के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध नहीं थे। तेल अवीव में उनका तंदूरी नाम का एक रेस्त्रां हैं।
- रीना ने कहा, मुझे अपनी विरासत पर गर्व है। मेरा प्रयास लोगों को जोड़ने का रहा है। इस प्रक्रिया में मैं भारत और इस्रायल के बीच मजबूत संबंधों के विकास में सभी मील के पत्थरों की गवाह भी रही हूं। नेतन्याहू और सारा पहली बार रीना के रेस्त्रां में ही डेट के लिए गए थे। तब से, दोनों न केवल भारतीय व्यंजनों के प्रशंसक रहे हैं, बल्कि रीना के अच्छे दोस्त भी बन गए।