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26/11 की बरसी: 'आतंक के अंधेरे का जवाब अच्छाई का उजाला', हमले में बाल-बाल बचे बच्चे के चाचा ने कही यह बात
Fri, 25 Nov 2022 05:33 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 25 Nov 2022 05:33 PM IST
सार
हमले के दौरान बेबी मोशे की उम्र दो साल थी। 2008 में पाकिस्तानी आतंकियों ने जब बेबी मोशे के माता-पिता रब्बी गैवरियल और रिवका होल्ट्जबर्ग और चार लोगों की हत्या कर दी थी, तब बेबी मोशे को भारतीय महिला नैनी सैंड्रा सैमुअल ने बचाया था।
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Baby Moshe, nanny Sandra Samuel
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मुंबई के आतंकी हमले को 14 बरस बीत चुके हैं। लेकिन लोग अब भी उस दिल दहला देने वाली घटना को नहीं भूल पाए हैं। इस हमले में जिंदा बचे 'बेबी मोशे' के चाचा मोशे होल्ट्जबर्ग ने कहा कि अच्छाई का प्रकाश ही आतंक के अंधेरे का जवाब है। बेबी मोशे के इस्राइली-अमेरिकी माता पिता को नरीमन हाउस में पाकिस्तान आतंकियों ने मार डाला था।
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आतंकी हमले की बरसी पर उन्होंने कहा, होल्ट्जबर्ग परिवार अपने प्रेम और दया के मिशन के कारण कई लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। हमले के दौरान बेबी मोशे की उम्र दो साल थी। 2008 में पाकिस्तानी आतंकियों ने जब बेबी मोशे के माता-पिता रब्बी गैवरियल और रिवका होल्ट्जबर्ग और चार लोगों की हत्या कर दी थी, तब बेबी मोशे को भारतीय महिला नैनी सैंड्रा सैमुअल ने बचाया था।
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बेबी मोशे अब 16 साल का हो गया है। वह इस्राइली शहर औफला के एक स्कूल में पढ़ रहा है। वह अपने नाना-नानी के साथ समय बिता रहा है। बेबी मोशे को संकट के बीच जीवन के प्रतीक के रूप में देखा गया था। अमेरिका में रहने वाले उसके चाचा उस समय को याद करते हैं। उन्होंने बेबी मोशे के साथ नरीमन हाउस और कोलाबा बाजार में समय बिताया था।
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चाचा मोशे होल्ट्जबर्ग ने कहा, हम उसे (बेबी मोशे) एकता के प्रतीक के रूप में देखते हैं और प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर उसे अपने माता-पिता के मिशन को आगे बढ़ाने की शक्ति दे। होल्ट्जबर्ग ने कहा, मुंबई आतंकी हमले को कई साल बीच चुके हैं। दुर्भाग्य से उसके बाद भी कई और त्रासदी हुई हैं। अभी दो दिन पहले ही यरूशलम में आतंकी हमला हुआ है। हम मानते हैं कि आतंक के अंधेरे का जवाब अच्छाई और दया का उजाला है।
होल्ट्जबर्ग ने कहा, भारत बेबी मोशे के लिए घर है। कोई आतंकी हमला उसे उसके घर से बाहर नहीं भगा सकता। नरीमन हाउस उसका घर है, मुंबई उसका शहर और भारत उसका देश है। होल्ट्जबर्ग ने कहा, बेबी मोशे की भारतीय नानी नैनी सैंड्रा सैमुअल यरूशल में एक सामाजिक सेवा प्रदाता (सोशल सर्विस प्रोवाइडर) के रूप में काम करती हैं। वह अक्सर उस लड़के से मिलने जाती हैं, जिसे उसने बचाया था।