Rahul Gandhi Security: राहुल की सुरक्षा में हैं 2500 जवान, तो कैसे लगी सेंध? क्यों जेके पुलिस नहीं मान रही चूक
Rahul Gandhi Security: कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बनिहाल टनल के पार होते ही राहुल की सुरक्षा का आउटर घेरा 'डी' टूट गया था। वहां से उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। 16 किलोमीटर की जगह वे केवल चार किलोमीटर ही चल सके...
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जम्मू-कश्मीर में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, अपने अंतिम चरण में है। 29 जनवरी को राहुल, श्रीनगर पहुंच जाएंगे। कांग्रेस पार्टी और खुद राहुल गांधी ने शुक्रवार को 'सुरक्षा चूक' का बड़ा आरोप लगा दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि काजीगुंड पहुंचने के बाद जब राहुल गांधी, दक्षिण कश्मीर में वेसु की तरफ चलने लगे, तो वहां जम्मू-कश्मीर पुलिस का घेरा गायब हो गया। कार्यकर्ताओं की भारी भीड़, राहुल के सुरक्षा घेरे यानी 'डी' में प्रवेश कर गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कांग्रेस के आरोप को गलत बताया है। यात्रा की हिफाजत के लिए फुलप्रूफ इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न तरह के सुरक्षा इंतजामों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां, यानी लगभग 1500 जवान तैनात हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी 10 कंपनियां, यात्रा की सुरक्षा में लगी हैं। कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना था कि सुरक्षा का बाहरी घेरा, जिसे बनाए रखने की जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर पुलिस की थी, वह खत्म हो गया था। इसके बाद ही राहुल को गाड़ी में बैठाकर अनंतनाग ले जाया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना था कि भारत जोड़ो यात्रा की सुरक्षा के लिए रोड ओपनिंग पार्टी, क्विक रिस्पांस टीम, रूट डोमिनेशन दस्ता और ऊंचाई वाली जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। यात्रा को बीच में छोड़ने की जानकारी, जम्मू कश्मीर पुलिस को नहीं दी गई। उससे यह सलाह नहीं ली गई कि यात्रा का किस स्थान पर और कब, विच्छेदन करना है। यात्रा के संयोजकों द्वारा एक किलोमीटर तक ऐसे ही यात्रा को ले जाया गया। उसके बाद यात्रा, शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ी। सुरक्षा में चूक जैसी कोई बात नहीं है।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बनिहाल टनल के पार होते ही राहुल की सुरक्षा का आउटर घेरा 'डी' टूट गया था। वहां से उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। 16 किलोमीटर की जगह वे केवल चार किलोमीटर ही चल सके। राहुल ने खुद मीडिया के सामने आकर कहा, यात्रा के दौरान पुलिस व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। सुरंग से निकलने के बाद पुलिसकर्मी दिखाई नहीं पड़े। वे कहां चले गए थे, मालूम नहीं। मेरे साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने कहा, ऐसी स्थिति में हम और ज्यादा नहीं चल सकते। इसके चलते मुझे अपनी यात्रा रोकनी पड़ी। राहुल ने कहा, शनिवार और रविवार को ऐसा कुछ न हो।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना था, यहां संबंधित एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया है। पंद्रह-बीस मिनट से भारत जोड़ो यात्रा के साथ कोई सुरक्षा अधिकारी नहीं है। बिना सुरक्षा के यात्रा और राहुल गांधी आगे नहीं जा सकते। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने अपने ट्वीट में कहा, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा है।
वीवीआईपी सुरक्षा में रहे एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक, यात्रा की सुरक्षा के लिए जेकेपी और सीएपीएफ की 25 कंपनियां लगी हैं। यात्रा के 15 किलोमीटर रूट को सैनिटाइज किया जाता है। जवानों की कई तरह की ड्यूटी पर तैनात किया गया है। ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी के साथ ही 2500 जवान चलेंगे। रोड ओपनिंग पार्टी से लेकर क्विक रिस्पांस टीम, रूट डोमिनेशन और ऊंचाई वाली जगह, यहां पर भी सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। ऐसा भी नहीं होता कि लोकल पुलिस इतनी कम संख्या में हो, कि राहुल का 'डी' घेरा भी बरकरार न रह सके।
राहुल की जेड प्लस सुरक्षा में तैनात जवान, उन्हें तभी गाड़ी में सवार होने के लिए कह सकते हैं, जब 'डी' घेरा पूरी तरह टूट गया हो। पब्लिक, वह घेरा तोड़कर राहुल की ओर आ रही हो। अगर ऐसा कुछ होता है कि इसे सुरक्षा में सेंध लगना कहा जा सकता है। हालांकि यहां पर, दोनों पक्ष एक दूसरे को गलत ठहरा रहे हैं। इससे पहले हरियाणा के फिरोजपुर झिरका में भी राहुल की सुरक्षा में लोकल पुलिस का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात कही गई थी। उसके बाद दिल्ली में भी राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस पार्टी ने ऐसे ही आरोप लगाए थे।