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Literature Festival: साहित्य उत्सव शुरू, 24 साहित्यकारों को अलग-अलग भाषाओं में मिला सम्मान
Sun, 12 Mar 2023 05:40 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 12 Mar 2023 05:40 AM IST
सार
जी-20 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी थीम भारतीय संस्कृति और परंपरा अर्थात तीन सिद्धांतों ‘एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य’ पर आधारित है।
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sahitya akademi award
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
साहित्य महोत्सव की शुरुआत शनिवार को हुई। इस मौके पर कमानी सभागार में आयोजित समारोह में भारतीय भाषाओं के 24 लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया। इनमें हिंदी के बद्रीनारायण और अंग्रेजी की अनुराधा रॉय शामिल हैं।
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केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने अकादमी की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमें समाज में एक ऐसी सकारात्मकता पैदा करनी है जिससे हमारा देश विकासशील की जगह विकसित राष्ट्र की पदवी पा सके। उन्होंने कहा कि संत केवल कवि नहीं बल्कि बड़ी सोच और व्यापक दृष्टि के साहित्यकार थे जिन्होंने हमें प्रकृति से प्यार करना सिखाया। उन्होंने कहा कि सभी कला और साहित्यिक संस्थानों को समाज में रचनात्मक और सकारात्मक परिवेश बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।
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जी-20 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी थीम भारतीय संस्कृति और परंपरा अर्थात तीन सिद्धांतों ‘एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य’ पर आधारित है। ऐसे बड़े आयोजनों से ही हम अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं। इस वार्षिक प्रदर्शिनी में चित्रों तथा लेखों के विवरण से विगत वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया था।
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कमानी सभागार में आयोजित हुए साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2022 अर्पण समारोह से पहले रवींद्र भवन परिसर में युवा साहिती, बहुभाषी कवि सम्मिलन, अस्मिता, बहुभाषी कहानी-पाठ एवं पूर्वोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विभिन्न भारतीय भाषाओं के प्रख्यात लेखक भुचुंग डी. सोनम, मृत्युंजय सिंह, के. श्रीलता, वाईडी थोंगछी, के. जयकुमार, राम कुमार मुखोपाध्याय की अध्यक्षता में उनके रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
इन्हें मिला सम्मान
रचनाकार मनोज कुमार गोस्वामी (असमिया), तपन बंद्योपाध्याय (बांग्ला), रश्मि चौधुरी (बोडो), वीणा गुप्ता (डोगरी), अनुराधा रॉय (अंग्रेजी), गुलाममोहम्मद शेख (गुजराती), बद्री नारायण (हिंदी), मुडनाकुडु चिन्नास्वामी (कन्नड़), फारूख फयाज (कश्मीरी), माया अनिल खंरगटे (कोंकणी), अजित आजाद (मैथिली), एम. थॉमस मैथ्यू (मलयालम), कोइजम शांतिबाला (मणिपुरी), प्रवीण दशरथ बांदेकर (मराठी), केबी नेपाली (नेपाली), गायत्रीबाला पंडा (सुखजीत (पंजाबी), जर्नादन प्रसाद पाण्डेय ‘मणि’ (संस्कृत), काजली सोरेन ‘जगन्नाथ सोरेन’ (संताली), कन्हैयालाल लेखवाणी (सिंधी), एम. राजेंद्रन (तमिल), मधुरांतकम नरेंद्र (तेलुगु), अनीस अशफ़ाक़ (उर्दू) शामिल हैं। कमल रंगा (राजस्थानी) पुरस्कार ग्रहण करने नहीं आ सके।