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खेल मंत्रालय में यौन उत्पीड़न की 23 शिकायतें, हाई पॉवर्ड कमेटी का गठन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 20 Jul 2018 02:18 AM IST
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इस साल स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास यौन उत्पीड़न की 23 शिकायतें दर्ज की गईं। खिलाड़ियों ने ये शिकायतें अपने कोच और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई हैं। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान खेल राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रिटायर्ड कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि इस साल अभी तक खिलाड़ियों ने लैंगिक उत्पीड़न के 23 मामले दर्ज कराए हैं। राठौर ने बताया कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न एक्ट 2013 और पोक्सो एक्ट 2012 के तहत इन शिकायतों पर कार्रवाई की गई।
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राठौर ने बताया कि खेल मंत्रालय ने महिला खिलाड़ियों की शिकायतों का समाधान करने के लिए एक हाई पॉवर्ड कमेटी का गठन किया है, जिसमें मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ खिलाड़ियों, खेल पत्रकारों और वकीलों को शामिल किया गया है।
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साथ ही खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए मंत्रालय ने कुछ उपाय भी किए हैं, जिनमें मंत्रालय ने साई सेंटर्स में कॉन्ट्रैक्ट बेस पर वॉर्डन नियुक्त किए हैं। साथ ही केन्द्रों में सीसीटीवी लगाए गए हैं। इसके अलावा अगर किसी खिलाड़ी को कोई शिकायत है तो अपनी पहचान बताए बिना साई सेंटर्स में लगे ड्रॉप बॉक्स में डाल सकता है।
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उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ऐसी शिकायतों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए एक साई मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया है।
राठौर ने जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के दिशानिर्देशों के तहत युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि साई की स्पोर्ट्स प्रमोशनल स्कीमों के तहत प्रशिक्षण ले रहे लड़कों और लड़कियों को ससुरक्षित माहौल देने के लिए क्षेत्रीय केन्दों को दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं।