अगर करगिल जैसी लड़ाई हुई तो हमलावर देश के लिए यह आखिरी युद्ध होगा: वायुसेना प्रमुख
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करगिल युद्ध की 20वीं बरसी पर भारतीय वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा है कि अगर करगिल जैसी घटना दोबारा होती है तो हम उसका सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। धनोआ ने कहा, 'हर अच्छे जनरल की तरह, हम अंतिम युद्ध लड़ने के लिए तैयार हैं। अगर कारगिल दोबारा होता है, तो हम उसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'
Indian Air Force Chief BS Dhanoa on the 20th anniversary of Kargil War: Like all good Generals, we are prepared to fight the last war. If Kargil comes again, we are very well prepared. pic.twitter.com/EBVNmFB3YO
— ANI (@ANI) July 16, 2019विज्ञापन
वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ती है तो हर मौसम में बमबारी कर सकते हैं, यहां तक कि बादलों के होने पर भी हम सटीक निशाने पर बम गिरा सकते हैं। 26 फरवरी को हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक यह दिखाती है कि हम बड़ी दूरी से भी सटीक प्रहार करने में सक्षम हैं।'
IAF Chief BS Dhanoa: In case required, we can do all weather bombing even through clouds very accurately. We have seen an attack carried out on Feb 26 (Balakot airstrike) that shows we are capable of carrying out precision strike from standoff distances & very accurately. https://t.co/2hjLy5yTHd
— ANI (@ANI) July 16, 2019
धनोआ के मुताबिक देश की सेना किसी भी हालात में जंग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद बालकोट में वायुसेना ने जिस तरह की कार्रवाई की वह हमारी तैयारी का बड़ा उदाहरण है। वायुसेना हर मौसम में यहां तक कि बादल छाए रहने पर भी दूर से लक्ष्य पर सटीक निशाना लगा सकता है। 26 फरवरी (बालकोट कार्रवाई) को हम ऐसा कर चुके हैं जो दूर से सटीक कार्रवाई करने के उदाहण को दर्शाता है। धनोआ ने कहा कि एक सभी अच्छे जनरल की तरह वह भी आखिरी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
गौरतलब है कि बालकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भी अपने पांचवीं पीढ़ी के अमेरिका निर्मित एफ-16 लड़ाकू विमान से भारत में हमले की कोशिश की थी। लेकिन वायुसेना के पायलटों ने एफ-16 से कम तकनीकी खूबियों वाली मिग-21 से ही पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया था। वायुसेना केइस रुख से पाकिस्तान इतना आशंकित हुआ कि 27 फरवरी के बाद से अपना वायुक्षेत्र बंद कर दिया था। पाकिस्तान ने मंगलवार को ही यह प्रतिबंध हटाया है।