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अहम नियुक्ति: 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी विनय क्वात्रा बने विदेश सचिव, सामने होंगी ये चुनौतियां
Sun, 01 May 2022 01:15 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 01 May 2022 01:15 PM IST
सार
1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी क्वात्रा ने ऐसे समय में पदभार संभाला है, जब भारत के पड़ोसी देश संकट से गुजर रहे हैं। क्वात्रा को भारत के पड़ोसी देशों के साथ ही साथ अमेरिका, चीन और यूरोप विशेषज्ञ भी माना जाता है।
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विनय मोहन क्वात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वरिष्ठ राजनयिक विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को भारत के नए विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने हर्षवर्धन श्रृंगला का स्थान लिया, जो शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने रविवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, विनय क्वात्रा ने रविवार सुबह विदेश सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
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1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी क्वात्रा ने ऐसे समय में पदभार संभाला है, जब भारत के पड़ोसी देश संकट से गुजर रहे हैं। पाकिस्तान में हाल ही में सियासी उथलपुथल के बाद नई सरकार गठित हुई है और श्रीलंका आर्थिक संकट झेल रहा है। इसके अलावा यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर चुनौतियां भी बनी हुई हैं। इसके अलावा कई राजनैतिक घटनाक्रम नई दिल्ली के सामने हैं। विदेश सचिव बनने से पहले क्वात्रा नेपाल में भारत के राजदूत थे।
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अमेरिका-चीन और यूरोप के विशेषज्ञ हैं क्वात्रा
क्वात्रा को भारत के पड़ोसी देशों के साथ ही साथ अमेरिका, चीन और यूरोप विशेषज्ञ भी माना जाता है। उन्हें विदेश सेवा में 32 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने फ्रांस के राजदूत समेत कई प्रमुख पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वे वाशिंगटन डीसी, जिनेवा, बीजिंग, दक्षिण अफ्रीका के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं।
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नए विदेश सचिव के सामने हाेंगी यह चुनौती
क्वात्रा पर रूस और अमेरिका के भारत के संबंध मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ उन पर चीन के साथ भारत के संबंधों को संतुलन रखने साथ भारत के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने का भी जिम्मा होगा। इस बीच रूस मसले पर अमेरिका का दबाव भी क्वात्रा के लिए चुनौती होगा।
पीएम मोदी के दौरे की दी जानकारी
क्वात्रा के विदेश सचिव बनने के अगले ही दिन पीएम मोदी तीन दिवसीय विदेश दौरे पर जा रहे हैं। रविवार को पीएम के विदेश दौरे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मई से चार मई तक तीन दिवसीय विदेश यात्रा पर होंगे। वह जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की यात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान तीनों देशों के लिए व्यापक एजेंड को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि, जर्मनी में प्रधानमंत्री मोदी चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता छठे भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) की सह-अध्यक्षता करेंगे।