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CDSCO की सख्त कार्रवाई: देश में 194दवाओं के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट
Fri, 20 Mar 2026 09:51 PM IST
Rahul Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Fri, 20 Mar 2026 09:51 PM IST
सार
केंद्र सरकार की दवा निगरानी व्यवस्था के तहत किए गए परीक्षण में विभिन्न कंपनियों की 194 दवाओं के सैंपल मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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नकली दवाएं (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
देश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से फरवरी 2026 के लिए जारी मासिक ड्रग अलर्ट में कुल 194 दवा सैंपलों को मानक स्तर का नहीं (एनएसक्यू) पाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय प्रयोगशालाओं ने 60 और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 134 सैंपलों को गुणवत्ता के विभिन्न पैमानों पर विफल पाया है।
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इसके अलावा फरवरी में चार दवा सैंपल को नकली पाए गए थे। जांच के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद (उत्तर क्षेत्र) और असम में चार ऐसे सैंपल भी मिले हैं, जो स्पूरियस या नकली की श्रेणी में आते हैं। ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं की ओर से दूसरे प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम का उपयोग कर अवैध रूप से बनाई जा रही थीं। मंत्रालय ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुणवत्ता मानकों में यह विफलता केवल जांचे गए विशिष्ट बैच तक ही सीमित है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि बाजार में उपलब्ध उसी नाम की अन्य दवाएं भी असुरक्षित हैं। सरकारी प्रयोगशालाएं नियमित निगरानी के जरिये यह सुनिश्चित कर रहीं कि ऐसी दवाओं को तुरंत बाजार से हटाया जा सके। फिलहाल राज्य नियामकों के साथ मिलकर जांच तेज कर दी गई है, ताकि दवाओं की शुचिता बनी रहे और आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाने की प्रक्रिया नियमित रूप से राज्य नियामकों के साथ मिलकर की जाती है, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।