फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   18,179 adoptions since 2019, only 1,404 children with special needs find homes News in hindi

RTI: साल 2019 से 18,179 बच्चों को मिला माता-पिता का साया; विशेष जरूरत वालों को अभी भी गोद लिए जाने का इंतजार

Sun, 25 Aug 2024 02:10 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 25 Aug 2024 02:10 PM IST
सार

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को गोद लेने की संख्या में इजाफा तो हुआ है। मगर अभी भी यह संख्या काफी कम है। 

विज्ञापन
18,179 adoptions since 2019, only 1,404 children with special needs find homes News in hindi
इतने बच्चों को गोद लिया गया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूचना के अधिकार (आरटीआई) की एक रिपोर्ट ने चिंता पैदा कर दी है। दरअसल, साल 2019 के बाद से 18,179 बच्चों को गोद लिया गया है। मगर इनमें से मात्र 1,404 ऐसे बच्चे हैं, जो विशेष जरूरत वाले हैं। हालांकि, एक अच्छी बात भी सामने आई है कि गोद लेने की कुल संख्या में इन पांच सालों में वृद्धि हुई है।   

विज्ञापन


बच्चों को गोद लेने की संख्या में इजाफा, फिर क्यों चिंता?
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को गोद लेने की संख्या में इजाफा तो हुआ है। मगर अभी भी यह संख्या काफी कम है। बता दें, विशेष जरूरत वाले बच्चों को शारीरिक, विकासात्मक, व्यवहारिक या भावनात्मक चुनौतियों के कारण अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन


यह गोद लिए जाने का आंकड़ा
सेंट्रल एडोप्शन रिसॉर्स अथॉरिटी (सीएआरए) ने बताया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पीटीआई ने जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में बताया गया कि साल 2019-20 में भारत में कुल 3,745 बच्चे गोद लिए गए। इनमें से 3,351 बच्चे देश में लिए गए। वहीं, 394 बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोद लिया गया है। इसके अलावा यह भी बताया गया कि कुल बच्चों में से विशेष जरूरत वाले सिर्फ 56 लड़के और 110 लड़कियों को गोद लिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, साल 2020-21 में कुल 3,559 बच्चे गोद लिए गए। इनमें से 3,142 बच्चों को देश में और 417 बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोद लिया गया है। इसके अलावा यह भी बताया गया कि कुल बच्चों में से विशेष जरूरत वाले सिर्फ 110 लड़के और 133 लड़कियों को गोद लिया गया। 

2021-22 में गोद लेने की संख्या मामूली रूप से घटकर 3,405 हो गई, जिनमें से 2,991 देश में और 414 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोद लिया गया। गोद लेने की कुल संख्या में 136 लड़के और 206 लड़कियां विशेष जरूरतों वाली थीं।

वहीं, साल 2022-23 में कुल 3,441 बच्चे गोद लिए गए। इनमें से 3,010 बच्चों को देश में और 431 बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोद लिया गया है। इसके अलावा यह भी बताया गया कि कुल बच्चों में से विशेष जरूरत वाले सिर्फ 156 लड़के और 188 लड़कियों को गोद लिया गया।

साल 2023-24 में गोद लेने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। कुल 4,029 को गोद लिया गया। इनमें से 3,580 देश और 449 बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोद लिया गया। गोद लेने की कुल संख्या में 135 लड़के और 174 लड़कियां विशेष जरूरतों वाली थीं।


अभी भी विशेष जरूरत वाले बच्चों को माता-पिता का इंतजार
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गोद लेने के मामले में पिछले पांच सालों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में मामूली गिरावट के बावजूद, यह दिखाता है कि माता-पिता विशेष जरूरत वाले बच्चों को गोद लेने में अब हिचक नहीं रहे हैं। हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि गोद लेने के लिए उपलब्ध बच्चों का एक महत्वपूर्ण अनुपात इस श्रेणी में आता है। सीएआरए के अनुसार, इस साल पांच जुलाई तक पूरे भारत में विशेष जरूरत वाले 420 बच्चे है, जो अभी भी गोद लिए जाने का इंतजार कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed