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केंद्र ने योगी सरकार के 17 ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने को बताया गैर-कानूनी
Tue, 02 Jul 2019 01:50 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 02 Jul 2019 01:50 PM IST
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थावर चंद गहलोत-सतीश चंद्र मिश्रा
- फोटो : PTI
मोदी सरकार ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के उस फैसले को गैरकानूनी करार दे दिया है जिसमें उन्होंने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का आदेश दिया है। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने यूपी सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की क्योंकि यह कानूनन सही नहीं है।
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गहलोत ने कहा कि यह पूरी तरह से असंवैधैनिक है क्योंकि यह संसद के विशेषाधिकार में आता है और यह किसी भी विधि न्यायालय में मान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हम योगी सरकार से इस फैसले को वापस लेने का अनुरोध करेंगे। मंत्री ने यह बातें बहुजन समाज पार्टी के सांसद सतीश मिश्रा के सवाल के जवाब में कहीं।
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बसपा सांसद ने मंगलवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यूपी की 17 जातियों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति (एससी) की सूची में डालने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यूपी सरकार ने तीन दिन पहले इन जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची से बाहर कर दिया था और अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र देने के लिए कहा जोकि पूरी तरह से अंसवैधानिक है।
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मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन 17 जातियों के साथ धोखा हुआ है क्योंकि यह जातियां ओबीसी से भी हट गई हैं और संविधान संशोधन किए बिना अनुसूचित जाति के दायरे में शामिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि इन जातियों को संविधान के तहत अनुसूचित जातियों का दर्जा दिया जाए और केंद्र सरकार यूपी सरकार को दिशा-निर्देश जारी करते हुए अपना आदेश वापस लेने के लिए कहे।
बसपा सांसद के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी जाति को अन्य जाति वर्ग में डालने का काम संसद का है। यदि यूपी सरकार इन जातियों को ओबीसी से एससी सूची के अंतर्गत लाना चाहती है तो उसके लिए एक प्रक्रिया है और राज्य सरकार इस तरह का कोई प्रस्ताव भेजेगी तो हम उसपर विचार करेंगे। मगर सरकार ने फिलहाल जो आदेश दिया है वह संविधान के अनुसार नहीं है।
बता दें कि यूपी की योगी सरकार ने 17 जातियों- कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी और मछुआ को ओबीसी से हटाकर एससी सूची में शामिल किया है।