{"_id":"5b42f9e44f1c1b3d5e8b4810","slug":"150-mps-including-sushma-murli-manohar-joshi-can-be-cut-for-2019-lok-sabha-elections","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"2019 चुनाव : आधे सांसदों के टिकट काट सकती है बीजेपी, सुषमा-मुरली समेत कई दिग्गज पर संकट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
2019 चुनाव : आधे सांसदों के टिकट काट सकती है बीजेपी, सुषमा-मुरली समेत कई दिग्गज पर संकट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:04 PM IST
विज्ञापन
शाह
- फोटो : pti
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आनंद बाजार पत्रिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी 150 सांसदों का टिकट काट सकती है। इस लिस्ट में काफी वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
विज्ञापन
इस सूची में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, उमा भारती, राधा मोहन सिंह, सुमित्रा महाजन, मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, शांता कुमार और बीसी खंडूडी के नाम शामिल हैं। इनके टिकट काटने के अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
मंत्री सुषमा स्वराज का टिकट बीमारी के नाम पर कटा जा सकता है। जबकि जबकि खबर के मुताबिक केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने खुद पार्टी से कहा है कि वो अगला चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।
विज्ञापन
लालकृष्ण आडवाणी के नाम पर नहीं कोई चर्चा
lal krishna advani, pm modi
वहीं मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, शांता कुमार और बीसी खंडूरी के टिकट बढ़ती उम्र के नाम पर काटे जा सकते हैं। हालांकि लालकृष्ण आडवाणी अपवाद हैं उनका टिकट काटा जाएगा या नहीं अभी इस बात का कोई जिक्र नहीं है। पटना से शत्रुघ्न सिन्हा, दरभंगा को कीर्ति आजाद का टिकट भी काटा जा सकता है।
बता दें कि इस सूची में आधा दर्जन युवा मंत्री हो सकते हैं। अभी भाजपा के पास राजस्थान में 25 सीटें, हिमाचल में 4, दिल्ली में 7, उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 71, छत्तीसगढ़ में 11 में से 10, मध्य प्रदेश में 29 में से 27 सीटें हैं। भाजपा को डर है कि इन राज्यों में पार्टी की सीटें आधी हो सकती हैं। यही कारण है की भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है।
भाजपा ने इस बारे में आरएसएस के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मौजूदा 200 सासंदों का टिकट काटने का प्रस्ताव दिया था लेकिन बाद में इन्हें घटाकर 150 किया गया है। यही नहीं पार्टी प्रधानमंत्री नमो ऐप के माध्यम से और कई गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से सांसदों के काम का मूल्यांकन कर रही हैं। कई संसदों को सही से काम करने की चेतावनी भी दी गई है। भाजपा असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में सीटों को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
बता दें कि इस सूची में आधा दर्जन युवा मंत्री हो सकते हैं। अभी भाजपा के पास राजस्थान में 25 सीटें, हिमाचल में 4, दिल्ली में 7, उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 71, छत्तीसगढ़ में 11 में से 10, मध्य प्रदेश में 29 में से 27 सीटें हैं। भाजपा को डर है कि इन राज्यों में पार्टी की सीटें आधी हो सकती हैं। यही कारण है की भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है।
भाजपा ने इस बारे में आरएसएस के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मौजूदा 200 सासंदों का टिकट काटने का प्रस्ताव दिया था लेकिन बाद में इन्हें घटाकर 150 किया गया है। यही नहीं पार्टी प्रधानमंत्री नमो ऐप के माध्यम से और कई गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से सांसदों के काम का मूल्यांकन कर रही हैं। कई संसदों को सही से काम करने की चेतावनी भी दी गई है। भाजपा असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में सीटों को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।