Naxal: 150 मिनट का 'चांस एनकाउंटर', CRPF-DRG ने बिना पुख्ता इंटेलिजेंस के मारे 60 लाख रुपये के नौ ईनामी नक्सली
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के जिले दंतेवाड़ा व बीजापुर के सरहदी क्षेत्र लोहागांव पुरंगेल एंड्री के पहाड़ी जंगल में तीन सितंबर को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जो मुठभेड़ हुई थी, वह कोई सामान्य नहीं थी। वो '150' मिनट का 'चांस एनकाउंटर' था, जिसमें सुरक्षा बलों को भी बड़ा जोखिम उठाना पड़ सकता था। इस बाबत कोई पुख्ता इंटेलिलेंस नहीं था। केवल इतनी सूचना थी कि उस क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी है। सीआरपीएफ की 111 और 230 वाहिनी की 'यंग प्लाटून' के साथ डीआरजी/बस्तर फाईटर्स भी थे। नक्सलियों ने एक विशेष प्वाइंट पर सुरक्षा बलों को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी। 'चांस एनकाउंटर' में 150 मिनट चली मुठभेड़ में 9 नक्सली मारे गए। खास बात है कि यह एक ऐसा एनकाउंटर था, जिसमें सुरक्षा बलों को किसी तरह की कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सुरक्षा बलों के अच्छे कॉर्डिनेशन के साथ किए गए संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली।
ऑपरेशन से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने बताया, ऐसी अपुष्ट सूचना थी कि पहाड़ी जंगल में पश्चिम बस्तर एवं दरभा डिवीजन के साथ नक्सलियों की पीएलजीए कंपनी नंबर 2 के माओवादियों की उपस्थिति है। हालांकि इस सूचना में नक्सलियों की संख्या और सटीक लोकेशन बाबत कुछ खास इनपुट नहीं था। सीआरपीएफ के साथ डीआरजी/बस्तर फाईटर्स को सर्चिंग अभियान पर भेजा गया। युवा असिस्टेंट कमांडेंट ने यंग प्लाटून की कमान संभाल रखी थी। सुबह करीब 10:30 बजे पश्चिम बस्तर डिवीजन और दरभा डिविजन के अंतर्गत दंतेवाड़ा बीजापुर सीमावर्ती क्षेत्र के लोहागांव पुरंगेल एंड्री के पहाड़ी जंगल में माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। यह एक चांस एनकाउंटर था। सुरक्षा बलों ने भी पॉजिशन ले ली। हालांकि कुछ देर तक सुरक्षा बलों ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की। इस बीच नक्सली, फायरिंग करते रहे। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की अपील को पूरी तरह से अनसुना कर दिया।
नक्सलियों द्वारा फायरिंग तेज कर दी गई। सुरक्षा बलों ने आपसी सामंजस्य से मौके पर ही अचूक पोजिशन ली। सबसे पहले सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाला। युवा कमांडरों की अगुवाई में कई नक्सली मार गिराए गए। जैसे ही दूसरी तरफ से फायरिंग कम हुई, सुरक्षा बलों ने भी अपने हथियारों को विराम दिया। कुछ ही देर में दोबारा से फायरिंग शुरु हो गई। नक्सलियों ने तीन तरफ से फायरिंग कर दी। इस बीच यह माना गया कि नक्सली, सरेंडर नहीं करेंगे। करीब 150 मिनट तक जमकर फायरिंग हुई। घने जंगलों व पहाड़ियों की आड़ में नक्सली जान बचाकर भागने लगे। टॉस्क क्षेत्र में सर्चिंग करने पर एनकाउंटर स्थल के आसपास 9 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। मारे गए नक्सलियों में कई महिला नक्सली भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, अमूमन चांस एनकाउंटर में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचने का जोखिम बना रहता है, लेकिन इस मुठभेड़ में किसी जवान को चोट नहीं आई। घटना स्थल से एक एसएलआर, दो 303 राइफल, एक टेटी कार्बाइन (9एमएम), आठ एमएम राइफल एक, 315 बोर राइफल एक, 12 बोर राइफल दो, बीजीएल लांचर एक और भरमार बंदूक दो, सहित भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
मारे गए नक्सलियों में रनधीर (25 लाख रुपये का इनाम), कुमारी शांति (5 लाख), सुशीला मडकाम (5 लाख), गंगी मुचाकी (5 लाख), कोसा माडवी (5 लाख), ललिता (5 लाख), कविता (5 लाख), हिड्मे मङ्कम (2 लाख) और कमलेश (2 लाख) शामिल हैं। डीआरजी तथा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा आपसी बेहतर तालमेल एवं रणनीति के साथ काम करने के परिणाम स्वरूप वर्ष 2024 में बस्तर संभाग के अंतर्गत नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अब तक कुल 153 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। इसके अलावा 669 गिरफ्तारी की गई हैं। 656 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है।