खतरा: बच्चों को भी शिकार बनाने लगा ब्लैक फंगस, अहमदाबाद में 15 साल का लड़का संक्रमित
कोविड महामारी के बाद ब्लैक फंगस लोगों पर सितम ढा रहा है। ब्लैक फंगस ना केवल बुजुर्गों को अपनी चपेट में ले रहा है, बल्कि बच्चों को भी नहीं छोड़ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसकी चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं।
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ब्लैक फंगस के शिकार केवल बुजुर्ग ही नहीं हो रहे हैं, बल्कि यह बच्चों पर भी काल बनकर टूट रहा है। कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीज म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के शिकार हो रहे हैं। सबसे हैरानी की बात है कि यह बच्चों को भी नहीं छोड़ रहा है। गुजरात में यह नया मामला सामने आया है। अहमदाबाद में पीडियाट्रिक विभाग में 15 साल का एक लड़का पीड़ित पाया गया है। निजी अस्पताल में बच्चा को भर्ती कराया गया है। पीडियाट्रिक डॉक्टर अभिषेक बंसल ने बताया कि, अहमदाबाद में पीडियाट्रिक म्यूकोर्मिकोसिस का यह पहला मामला है। बच्चे की सर्जरी कर दी गई है।
डॉक्टर ने बताया कि 15 वर्षीय लड़के की रिपोर्ट पिछले दिनों ही निगेटिव आई थी, डिस्चार्ज किए जाने पर पता चला कि, उसे म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) है। जिसके चलते ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद लड़के की स्थिति सामान्य है। दो से तीन दिन के अंदर छुट्टी दे दी जाएगी।
Gujarat | A 15-yr-old boy, discharged post #COVID, was diagnosed with Mucormycosis (Black fungus). Boy is stable after surgery. We expect to discharge him in 2 or 3 days. This is 1st case of paediatric Mucormycosis in Ahmedabad: Abhishek Bansal, paediatric doctor at pvt hospital pic.twitter.com/N6D98FA3Yp
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 22, 2021
ब्लैक के साथ व्हाइट फंगस के भी मिल रहे मरीज
ब्लैक फंगस के अलावा व्हाइट फंगस भी लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। अहमदाबाद में पिछले दिनों व्हाइट फंगस के दो मरीज सामने आए हैं। अहमदाबाद के गेमर्स मेडिकल कॉलेज एंड सिविल हॉस्पिटल की ईएंडटी डिपार्टमेंट की हेड डॉ नीना भालोदिया ने बताया कि पिछले हफ्ते तीन में से 2 मरीज व्हाइट फंगस के मिले हैं। दोनों का इलाज कर बचा लिया गया है। यह दोनों इंफेक्शन उन लोगों में ज्यादा दिखे हैं, जिनकी इम्यूनी सिस्टम कमजोर है। हालांकि बाजार में इसकी दवा उपलब्ध है। शुरुआत में लक्षण की पहचान होने से इसका इलाज संभव है।
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