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14 साल के छात्र ने साइन की 5 करोड़ की डील
नई दिल्ली/अमर उजाला, टीम डिजिटल
Updated Sat, 14 Jan 2017 07:48 PM IST
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अहमदाबाद ड्रोन
दसवीं कक्षा के छात्र हर्षवर्धन ज़ाला ने हाल ही में संपन्न हुए वाइब्रेंट गुजरात सम्मिट में सरकार की विज्ञान काउंसिल के साथ 5 करोड़ रुपये का अग्रीमेंट साइन किया है। जाला ने एक एंटी लैंडमाइन ड्रोन का निर्माण किया है जिसके द्वारा सेना और अन्य सुरक्षा बल आसानी से बिछी हुई लैंडमाइन का पता लगा सकेंगे। इतना ही नहीं इस ड्रोन की मदद से सुरक्षा बल इसको नष्ट भी कर सकेंगे।
ड्रोन से पहले बनाया था रोबोट
अखबारों में लैंडमाइन से होने वाली जवानों की मौतों और घायल होने की खबरें पढ़ने के बाद ज़ाला ने इसके लिए कुछ करने का निर्णय लिया। इसके लिए पहले एक रोबोट बनाया था लेकिन उसका वजन ज्यादा होने से ब्लास्ट का ट्रिगर दबने की आशंका के चलते अपने इस आइडिया को ड्राप कर दिया। इसके बाद ज़ाला ने एक ड्रोन के प्रोटोटाइप पर काम शुरू किया जो आसानी से लैंडमाइन का पता लगा सके।
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ड्रोन से पहले बनाया था रोबोट
अखबारों में लैंडमाइन से होने वाली जवानों की मौतों और घायल होने की खबरें पढ़ने के बाद ज़ाला ने इसके लिए कुछ करने का निर्णय लिया। इसके लिए पहले एक रोबोट बनाया था लेकिन उसका वजन ज्यादा होने से ब्लास्ट का ट्रिगर दबने की आशंका के चलते अपने इस आइडिया को ड्राप कर दिया। इसके बाद ज़ाला ने एक ड्रोन के प्रोटोटाइप पर काम शुरू किया जो आसानी से लैंडमाइन का पता लगा सके।
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राज्य सरकार ने की मदद
हर्ष
राज्य सरकार ने की मदद
राज्य सरकार ने भी हर्ष के फाइनल प्रोटोटाइप के आधे हिस्से के लिए आर्थिक मदद की है। प्रोटोटाइप में इस ड्रोन की लागत पांच लाख रुपये के करीब आई है। एक बार इन्फ्रारेड सेंसर के जरिए ड्रोन, सुरंग का पता लगा लेगा, उसके बाद 50 ग्राम का डेटोनेटर उसे निष्क्रिय करने का काम करेगा। गुजरात काउंसिल ऑन साइंस एंड टैक्नॉलॉजी के प्रमुख डॉ नरोत्तम साहू ने कहा कि हर्ष के साथ एमओयू साइन हो गया है और आने वाले दिनों में गुजरात सरकार उनके साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।
राज्य सरकार ने भी हर्ष के फाइनल प्रोटोटाइप के आधे हिस्से के लिए आर्थिक मदद की है। प्रोटोटाइप में इस ड्रोन की लागत पांच लाख रुपये के करीब आई है। एक बार इन्फ्रारेड सेंसर के जरिए ड्रोन, सुरंग का पता लगा लेगा, उसके बाद 50 ग्राम का डेटोनेटर उसे निष्क्रिय करने का काम करेगा। गुजरात काउंसिल ऑन साइंस एंड टैक्नॉलॉजी के प्रमुख डॉ नरोत्तम साहू ने कहा कि हर्ष के साथ एमओयू साइन हो गया है और आने वाले दिनों में गुजरात सरकार उनके साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।