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दूसरे राज्यों की जेलों में बंद जम्मू-कश्मीर के 122 कैदियों ने इस तरह मनाई ईद, परिजनों से फोन पर की बातचीत
Mon, 25 May 2020 11:57 PM IST
श्रीधर मिश्रा
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Mon, 25 May 2020 11:57 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के 122 ऐसे कैदी, जो विभिन्न राज्यों की जेलों में बंद हैं, को ईद के मौके पर एक खास तोहफा दिया है। इन सभी कैदियों की उनके परिजनों से फोन पर बातचीत कराई गई। अपने परिजनों से ईद पर यूं बात कर अनेक कैदी भावुक हो उठे। साथ ही जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भी केंद्र सरकार के इस कदम की खूब सराहना की है। उनका कहना था कि सरकार का यह कदम जम्मू-कश्मीर के लोगों में विश्वास बहाली की प्रक्रिया को मजबूत करेगा। इससे वहां पर सामान्य स्थिति कायम करने में मदद मिलेगी।
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केंद्र सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के 122 लोग विभिन्न अपराधों के चलते अलग अलग राज्यों की जेलों में बंद हैं। इनमें से 106 लोग तो अकेले उत्तरप्रदेश की सेंट्रल जेल आगरा, सेंट्रल जेल प्रयागराज, सेंट्रल जेल वाराणसी, डिस्ट्रिक्ट जेल बरेली, डिस्ट्रिक्ट जेल अंबेडकर नगर और डिस्ट्रिक्ट जेल लखनऊ में हैं। हरियाणा के करनाल और झज्जर जिले की जेल में 15 और दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक कैदी बंद है।
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सूत्रों का कहना है कि ईद के पावन अवसर पर जब ये कैदी अपने साथियों से बधाई ले रहे थे तो उसी वक्त इन्हें यह समाचार मिला कि केंद्र सरकार के आदेश पर इन लोगों की उनके घर पर बातचीत कराई जाएगी। यह सूचना मिलते ही कैदियों की खुशी दोगुनी हो गई। जेल प्रशासन ने उनके घर पर फोन मिलाया। किसी कैदी ने अपनी मां या पिता से तो कोई कैदी अपनी पत्नी और भाई-बहन से बातचीत कर खुश नजर आ रहा था।
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सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने अपने इस कदम से जम्मू कश्मीर के लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकार उनके कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।