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Adulterate: आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध पीने से 12 की मौत, आठ भर्ती; पुलिस ने दूध विक्रेता को हिरासत में लिया
Wed, 11 Mar 2026 10:33 PM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी गोदावरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी गोदावरी
Published by: Pavan
Updated Wed, 11 Mar 2026 10:33 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश में संदिग्ध दूध आपूर्ति से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने संबंधित डेयरी यूनिट का निरीक्षण किया और वहां से दूध, पनीर, घी, पीने का पानी और सिरके के नमूने एकत्र किए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के घरों से भी नमूने लिए गए।
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मिलावटी दूध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के लालाचेरुवु क्षेत्र में मिलावटी दूध पीने से 12 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि आठ लोग गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह संकट 22 फरवरी को तब गहराया, जब चौदेश्वरीनगर और स्वरूपनगर के कई बुजुर्गों को उल्टी, पेट दर्द और किडनी फेलियर जैसी गंभीर शिकायतों के बाद अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक क्लिनिकल रिपोर्ट में मरीजों के खून में यूरिया और क्रिएटिनिन का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा हुआ पाया गया है, जो किसी जहरीले तत्व के सेवन की ओर इशारा करता है।
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106 परिवारों को की गई थी दूध की आपूर्ति
स्वास्थ्य विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार महामारी विज्ञान के पुख्ता सबूत दूध में मिलावट को इस त्रासदी का मुख्य कारण बता रहे हैं। प्रशासनिक जांच का केंद्र कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी है। आशंका है कि यहीं से प्रभावित 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति की गई थी। पुलिस ने संदिग्ध दूध विक्रेता अडाला ज्ञानेश्वर राव (33) को हिरासत में ले लिया है। डेयरी यूनिट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
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विभाग ने शुरू की मामले की उच्चस्तरीय जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग और पशुपालन विभाग ने दूध, पनीर, घी और पशु चारे के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं। रैपिड रिस्पांस टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर वितरण नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। सभी सैंपल जांच के लिए काकीनाडा स्थित जेएनटीयू लैब और हैदराबाद की वीआईएमटीए लैब में भेजे गए हैं, जहां माइक्रोबियल, फिजियो-केमिकल और जहरीले मिलावट की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों के खून और पेशाब के नमूने भी एडवांस टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के लिए भेजे गए हैं।
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फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं नमूने
क्लूज टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पोस्ट-मार्टम से जुड़े नमूने विजयवाड़ा स्थित क्षेत्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह दूध किन-किन जगहों पर सप्लाई हुआ और इससे कितने लोग प्रभावित हुए। वहीं पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस की धारा 194 और सीआरपीसी की धारा 174 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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106 परिवारों को की गई थी दूध की आपूर्ति
स्वास्थ्य विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार महामारी विज्ञान के पुख्ता सबूत दूध में मिलावट को इस त्रासदी का मुख्य कारण बता रहे हैं। प्रशासनिक जांच का केंद्र कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी है। आशंका है कि यहीं से प्रभावित 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति की गई थी। पुलिस ने संदिग्ध दूध विक्रेता अडाला ज्ञानेश्वर राव (33) को हिरासत में ले लिया है। डेयरी यूनिट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
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विभाग ने शुरू की मामले की उच्चस्तरीय जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग और पशुपालन विभाग ने दूध, पनीर, घी और पशु चारे के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं। रैपिड रिस्पांस टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर वितरण नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। सभी सैंपल जांच के लिए काकीनाडा स्थित जेएनटीयू लैब और हैदराबाद की वीआईएमटीए लैब में भेजे गए हैं, जहां माइक्रोबियल, फिजियो-केमिकल और जहरीले मिलावट की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों के खून और पेशाब के नमूने भी एडवांस टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के लिए भेजे गए हैं।
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फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं नमूने
क्लूज टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पोस्ट-मार्टम से जुड़े नमूने विजयवाड़ा स्थित क्षेत्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह दूध किन-किन जगहों पर सप्लाई हुआ और इससे कितने लोग प्रभावित हुए। वहीं पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस की धारा 194 और सीआरपीसी की धारा 174 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।