वामपंथी कार्यकर्ता की हत्या: RSS के 11 कार्यकर्ताओं को दोहरा आजीवन कारावास
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केरल के तिरुवनंतपुरम अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सीपीआई(एम) कार्यकर्ता विष्णु की हत्या के मामले में 11 आरएसएस कार्यकर्ताओं को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इससे पहले विष्णु की हत्या के आरोप में 13 आरएसएस कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया था। बाकी दो को आजीवन कारावास और तीन साल कारावास की सजा हुई। हालांकि चार्जशीट में 16 आरोपी थे जिनमें से एक बरी हो गया, एक की हत्या हो गई और एक अभी फरार है।
विष्णु पर तलवार, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से हमला किया गया था। विष्णु केठामुक्कु के पासपोर्ट ऑफिस में पासपोर्ट लेने आए लोगों की मदद करता था। हमलावरों ने पासपोर्ट ऑफिस के सामने विष्णु को घेरकर उसकी हत्या की थी।
पुलिस के मुताबिक विष्णु की हत्या बदला लेने के लिए की गई थी। क्योंकि विष्णु की हत्या से करीब एक हफ्ते पहले वेस्ट फोर्ट में आरएसएस के एक ऑफिस पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था इस हमले का शक सीपीआई(एम) पर था।
'आरएसएस के लोगों पर जो हमले हुए हैं उसमें विष्णु शामिल था'
पुलिस के अनुसार आरएसएस कार्यकर्तओं का मानना था कि 2001 के बाद से स्थानीय स्तर पर आरएसएस के लोगों पर जो हमले हुए, उनमें विष्णु शामिल था। इस तरह के तीन मामलों में उस पर आरोप भी लगे थे। चार्जशीट के मुताबिक 1 अप्रैल 2008 को विष्णु की हत्या दिन दहाड़े करीब 500 लोगों के सामने की गई थी। पुलिस का कहना है कि विष्णु के शव पर 30 से ज्यादा घावों के निशान थे।
पुलिस को शुरुआती जांच में शक था कि विष्णु की हत्या अंडरवर्ल्ड से संबंध होने के कारण हुई, लेकिन बाद में पुलिस ने 50,000 से ज्यादा मोबाइल फोन कॉल्स ट्रेस किए जिसके बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं के तार केस से जुड़े पाए गए।