यूपी में कांग्रेस ने ढूंढ़ निकाले अपने 11 'धोखेबाज' विधायक, कौन हैं ये?
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यूपी में राज्यसभा और विधान परिषद सदस्य चुनाव में क्रास वोट करने वाले कांग्रेस के विधायक पार्टी हाईकमान के रडार पर हैं। कांग्रेस की पड़ताल के बाद बनी लिस्ट में छह नहीं 11 विधायकों के नाम बतौर धोखेबाज सामने आ रहे हैं।
पार्टी की सोच है कि इन विधायकों की घेरबंदी कर चुनाव में इनको सबक सिखाया जाए। यूपी में मई में हुए राज्यसभा और एमएलसी सदस्य के चुनाव में कांग्रेस के छह विधायकों के क्रास वोटिंग करने का मामला सामने आया था।
खुलासा हुआ था कि तीन मुस्लिम विधायकों बुलंदशहर जिले के स्याना से दिलनवाज खां, अमेठी की तितोही से मौहम्मद मुस्लिम, रामपुर के स्वार से नवाब काजिम अली के बसपा और तीन गैरमुस्लिम विधायक कुशीनगर के खड्डा से विजय दूबे, बस्ती के रधौली से संजय जायसवाल, बहादुरगढ़ के नानपारा से माधुरी वर्मा ने भाजपा के पक्ष में वोट दिया था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की गोपनीय जांच में पार्टी के खिलाफ वोट करने वाले विधायकों की तादाद 11 सामने आ रही है।
हाईकमान जल्द कार्रवाई करेगा
बताया जा रहा है कि बाकी पांच विधायकों के खिलाफ भी हाईकमान जल्द कार्रवाई करेगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिन छह विधायकों को क्रास वोटिंग करने के आरोप में पार्टी से निकाला गया है उनके बारे में इसलिए खुलासा हो गया कि उन्होंने विधान परिषद और राज्यसभा सदस्य दोनों के लिए पार्टी के खिलाफ वोट किया।
लेकिन पांच विधायकों ने सिर्फ विधान परिषद सदस्य के लिए वोट किया। राज्यसभा के वोट देने पर खुलासा हो जाता है कि किस विधायक ने किस प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग की। जबकि विधान परिषद सदस्य के लिए वोटिंग गोपनीय रहती है। उसमें किसने किसको वोट दिया पता ही नहीं चल पाता।
इस गोपनीयता का फायदा ही कांग्रेस के बाकी पांच विधायकों ने उठाया। यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद इस विधायकों की घेराबंदी में जुटे हैं। बृहस्पतिवार को आजाद अपने वेस्ट यूपी के आला नेताओं के साथ दिलनवाज खां के क्षेत्र स्याना (बुलंदशहर) में आरिफ सईद खां के यहां रोजा इफ्तार के बहाने पहुंचे।
वहां उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस स्याना को लेकर गंभीर है। कांग्रेस का दिलनवाज विरोधी खेमा वहां सक्रिय भी रहा। कांग्रेस की क्षेत्र में सक्रियता के बाद विधायक भी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने भी क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और कांग्रेस को कमजोर करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।