सऊदी अरब में फंसे 10 हजार भारतीयों को खाना तक नसीब नहीं
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सुषमा ने कहा कि वह खुद इस मामले पर नजर रख रही हैं। शनिवार देर शाम उन्होंने ट्वीट कर सऊदी में रह रहे 30 लाख भारतीयों से भी अपील की कि वे अपने साथी भारतीय भाई-बहनों की मदद के लिए आगे आएं।
विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह इस समस्या का हल निकालने के लिए जल्द ही वहां पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर इस मामले को कुवैत और सऊदी अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे।
एक अन्य ट्वीट में सुषमा ने कहा, ‘हमने रियाद स्थित भारतीय दूतावास से कहा है कि वह सऊदी में बेरोजगार भारतीय कामगारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराएं।’ इसके कुछ देर बाद सुषमा ने जानकारी दी कि दूतावास ने अब तक 15,475 किलोग्राम भोजन के पैकेट भारतीयों में बांट दिए हैं।
सुषमा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने बताया कि सऊदी और कुवैत में भारतीय रोजगार और वेतन से संबंधित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। सऊदी में हालात ज्यादा खराब हैं।
दरअसल विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया एक शख्स के ट्वीट के बाद आई। इस शख्स ने सऊदी में भारतीयों के फंसे होने की जानकारी दी थी। उसने बताया था कि जेद्दा शहर में 800 भारतीय पिछले तीन दिन से भूखे पेट रहने को मजबूर हैं।
हालांकि बाद में सुषमा ने बताया कि सऊदी में भोजन संकट का सामना कर रहे भारतीयों की तादाद 10 हजार से भी ज्यादा है। विदेश मंत्री ने आश्वस्त किया है कि सऊदी में बेरोजगार सभी भारतीय कामगारों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
तेल की कीमतों में गिरावट से हुए बेरोजगार
सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नौकरी करते हैं। पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से खाड़ी देशों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा कई खाड़ी देशों में राजनीतिक अस्थिरता से भी कंपनियां बंद हुई हैं और काफी संख्या में भारतीयों को नौकरियां गंवानी पड़ी हैं।
इससे इन भारतीयों के सामने आजीविका के संकट के साथ ही भुगतान नहीं मिलने से खाने के भी लाले पड़ गए हैं। खाड़ी देश सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में 60 लाख भारतीय काम करते हैं। सऊदी अरब की तो करीब एक तिहाई आबादी विदेशियों की ही है, जिसमें से करीब 30 लाख भारतीय हैं।