फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   10 Special point of PM Modi speech in world economic forum Davos

दावोस से भारत ने दिया दुनिया को बड़ा संदेश, पीएम मोदी के भाषण की खास बातें

Tue, 23 Jan 2018 08:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 23 Jan 2018 08:20 PM IST
विज्ञापन
10 Special point of PM Modi speech in world economic forum Davos
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक के उद्घाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। यह पहला मौका है जब 21 साल बाद भारत के किसी पीएम ने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में भारत का प्रतिनिधितत्व किया। पीएम मोदी ने इकानॉमी, वैश्‍विक आतंकवाद, बदलती तकनीकी, ग्लोबल क्लाइमेट चेंज के खतरे समेत कई वैश्‍विक मसलों पर दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखा। अपने इस प्रभावी भाषण में प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों की ओर भी दुनिया का ध्यान खींचा। पेश है पीएम मोदी के भाषण की खास बातें। 
विज्ञापन


जलवायु परिवर्तन और दिनों-दिनों बदलती तकनीकी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बहुत से बदलाव ऐसी दीवारें खड़ी कर रहे हैं जो आने वाले समय में पूरी दुनिया के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि दरारों और दूरियों को मिटा कर सुनहरा भविष्य बना सकते हैं। आज डाटा सबसे बड़ी संपदा है, डाटा के ग्लोबल फ्लो से सबसे बड़े अवसर बन रहे हैं और सबसे बड़ी चुनौतियां भी। साइबर सिक्यॉरिटी और न्यूक्लियर टेक्नॉलजी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि डेटा ही दुनिया का भविष्य, जो इस पर काबू रखेगा वही आगे जाएगा।
विज्ञापन


पीएम के भाषण के मुख्य अंश

-विश्व शांति के लिए भारत हमेशा खड़ा हुआ है।

-हम मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाएं जहां सामंजस्य एवं सहयोग के लिए काम हो।

-भारत हमेशा दुनिया में शांति के लिए काम करता रहेगा।

-समृद्धि के साथ शांति चाहते हैं तो भारत आएं। 

-हेल्थ के साथ समग्रता चाहते हैं तो भारत आएं। 

-वेल्थ के साथ वेलनेस चाहते हैं तो भारत आएं।

-भारत जोड़ने में विश्वास करता है तोड़ने में नहीं।

-भारत वसुधैव कुटुम्बकम् के मंत्र को मानता है।

-वो कौन सी शक्तियां हैं जो दुनिया में सामंजस्य की जगह अलगाव चाहतीं है?

-बदलते हुए समय के साथ चुस्त और लचीली नीतियां बनाना वैश्वीकरण के सामने चुनौती।

-युवाओं का कट्टरता की तरफ जाना चिंताजनक।

-महात्मा गांधी ने प्राकृतिक संसाधनो के शोषण का विरोध किया।

-मानव धरती की संतान है, फिर धरती के साथ ही ऐसा बर्ताव क्यों?।

-जीएसटी जैसा बड़ा सुधार हमारी सरकार ने किया, हमारे काम की दुनियाभर मे सराहना हो रही है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed