फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   10 crore Indians suffering from sleep apnea 13 percent men and five percent women suffering from disorder

Health: स्लीप एपनिया के शिकार 10 करोड़ भारतीय, 13 फीसदी पुरुष और पांच फीसदी महिलाएं विकार से पीड़ित

Wed, 11 Oct 2023 05:26 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 11 Oct 2023 05:26 AM IST
सार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन विभाग से जुड़े डॉक्टरों के अध्ययन में यह सामने आया है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पिछले दो दशकों में इस पर किए गए सात अन्य अध्ययनों का विश्लेषण किया है।

विज्ञापन
10 crore Indians suffering from sleep apnea 13 percent men and five percent women suffering from  disorder
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है, लेकिन इसकी कमी से होने वाले विकार से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है। विश्वस्तर पर ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) बढ़ रहा है। भारत में करीब 10.4 करोड़ लोग इसके शिकार हैं। इनमें से 4.7 करोड़ गंभीर स्तर से पीड़ित हैं।
विज्ञापन


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन विभाग से जुड़े डॉक्टरों के अध्ययन में यह सामने आया है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पिछले दो दशकों में इस पर किए गए सात अन्य अध्ययनों का विश्लेषण किया है। यह शोध 11,009 लोगों पर किए अध्ययन पर आधारित है, जिनकी औसत आयु 35.5 से 47.8 वर्ष के बीच थी। अध्ययन में पांच से 10 वर्ष की आयु के बच्चों में इसकी व्यापकता और जोखिम कारकों का अध्ययन किया गया। इसमें सामने आया कि ओएसए भारतीय बच्चों को तेजी से प्रभावित कर रहा है।
विज्ञापन


पांच फीसदी में गंभीर स्थिति
अध्ययन के मुताबिक, देश में करीब 11 फीसदी वयस्क इससे पीड़ित हैं। अनुमान है कि जहां 13 फीसदी भारतीय पुरुष इससे पीड़ित हैं, वहीं केवल पांच फीसदी महिलाएं इसकी शिकार हैं। पांच फीसदी भारतीय मध्यम से गंभीर ओएसए के शिकार हैं। अनुमान के मुताबिक महिलाओं में ओएसए की संभावना 30 साल की उम्र में दो फीसदी से बढ़कर 60 साल की उम्र में 28 फीसदी हो जाती है। पुरुषों के लिए यह आंकड़ा 30 वर्ष की आयु में चार फीसदी से बढ़कर 60 वर्ष की आयु में 67 फीसदी हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कारण : खराब जीवनशैली
यह विकार खराब जीवनशैली और खानपान में लापरवाही की वजह से देखने को मिलता है। इसमें सुधार और नियमित व्यायाम फायदेमंद है। इससे पीड़ित व्यक्ति को पीठ के बल सोने से बचना चाहिए, बल्कि पेट के बल सोना फायदेमंद है। 


मृत्यु का भी खतरा
ओएसए में व्यक्ति की श्वास नली के ऊपरी मार्ग में रुकावट होने लगती है, जिसके कारण जब वह सोता है तो उसकी सांस बार-बार रुकती और चलती है। इसकी वजह से सोते समय भी सांस रुक सकती है, जो मृत्यु का कारण तक बन सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed