{"_id":"56ddbd004f1c1bd1218b457a","slug":"deceased-elder-daughter-to-take-care-of-siblings","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्यारी बिटिया, छोटे बेटे नितिन और कोमल को रोने मत देना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्यारी बिटिया, छोटे बेटे नितिन और कोमल को रोने मत देना
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर, गलोड़
Updated Mon, 07 Mar 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
मौत
- फोटो : file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरी प्यारी बिटिया, मेरे छोटे बेटे नितिन और कोमल को रोने मत देना। मैं आपके पापा के बिना नहीं जी सकती। यह सूसाइड नोट मृतका ममता ने अपनी 12 साल की बेटी प्रियंका के लिए लिखा है। दो दिन पहले ही मृतका के पति संजय की मौत हुई थी।
विज्ञापन
अभी पिता की चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि मां ने भी जहर खाकर मौत को गले लगा लिया। मृतक दंपति के तीन बच्चे हैं। इनमें 12 साल की प्रियंका, सात साल की कोमल और पांच साल का नितिन है। मृतका के सूसाइड नोट ने सबके दिलों को दहला दिया है।
विज्ञापन
सूसाइड नोट में मृतका ने अपनी 12 साल की बच्ची प्रियंका को अपनी बहन कोमल और भाई नितिन को कभी न रुलाने की बात कही है। मृतका ने सूसाइड नोट में परिवार के सदस्यों का भी जिक्र किया है। मृतका ने परिजनों से उसके बच्चों को उनका हक देने की भी बात कही है।
विज्ञापन
छोटे बच्चों को रोता देख हर किसी का दिल पसीज रहा है। हर कोई कह रहा है कि ममता को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए था। बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठने से हर किसी को झकझोर दिया है। तीन दिन में एक ही घर से दो अर्थियां उठने से पन्याली पंचायत के ज्याणा में मातम छा गया है।