{"_id":"6ad596f6efeb39bd7e098a2c","slug":"dharamshala-cyber-fraud-supreme-court-ed-23-lakh-2026-10-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नाम पर बुजुर्ग से 23.46 लाख रुपये ठगे, फर्जी जांच का डर दिखाकर दी धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नाम पर बुजुर्ग से 23.46 लाख रुपये ठगे, फर्जी जांच का डर दिखाकर दी धमकी
Mon, 19 Oct 2026 09:35 AM IST
Ankesh Dogra
तनुज सैणी, धर्मशाला।
तनुज सैणी, धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 19 Oct 2026 09:35 AM IST
सार
कांगड़ा जिले के फतेहपुर में साइबर ठगों ने सर्वोच्च न्यायालय, प्रवर्तन निदेशालय और दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर 63 वर्षीय बुजुर्ग से 23.46 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने फर्जी समन और धनशोधन की जांच का डर दिखाकर रकम खाते में जमा करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
ठगों ने बुजुर्ग को लगाया चूना।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां 63 वर्षीय बुजुर्ग को सर्वोच्च न्यायालय और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी बनकर आरोपियों ने कथित जांच के नाम पर धमकाया और 23,46,721 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने बुजुर्ग को धनशोधन के मामले में फंसाने और उनकी संपत्ति जब्त करने का डर दिखाया।
विज्ञापन
Trending Videos
दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर किया फोन
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, 16 सितंबर को पीड़ित के मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम विजय खन्ना बताया और खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से प्रवर्तन निदेशालय को उनके खिलाफ शिकायत मिली है। दिल्ली के केनरा बैंक में उनके नाम से खुले खाते के जरिये धनशोधन किए जाने का आरोप भी लगाया। बुजुर्ग ने ऐसे किसी बैंक खाते या लेनदेन से इन्कार किया, लेकिन आरोपी ने मामले को गंभीर बताकर उन्हें डराना शुरू कर दिया।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, 16 सितंबर को पीड़ित के मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम विजय खन्ना बताया और खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से प्रवर्तन निदेशालय को उनके खिलाफ शिकायत मिली है। दिल्ली के केनरा बैंक में उनके नाम से खुले खाते के जरिये धनशोधन किए जाने का आरोप भी लगाया। बुजुर्ग ने ऐसे किसी बैंक खाते या लेनदेन से इन्कार किया, लेकिन आरोपी ने मामले को गंभीर बताकर उन्हें डराना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीडियो कॉल कर भेजे फर्जी समन और अदालती आदेश
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने खुद को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी और अधिवक्ता बताकर व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की। उन्होंने कथित समन और अदालती आदेश भेजकर धमकी दी कि सहयोग नहीं करने पर बुजुर्ग की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। आरोपियों ने दावा किया कि जांच लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और 23,46,721 रुपये संदिग्ध राशि है। उन्होंने सत्यापन के नाम पर यह रकम दो दिन के लिए अपने बताए बैंक खाते में जमा करवाने और बाद में वापस लौटाने का भरोसा दिया।
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने खुद को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी और अधिवक्ता बताकर व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की। उन्होंने कथित समन और अदालती आदेश भेजकर धमकी दी कि सहयोग नहीं करने पर बुजुर्ग की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। आरोपियों ने दावा किया कि जांच लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और 23,46,721 रुपये संदिग्ध राशि है। उन्होंने सत्यापन के नाम पर यह रकम दो दिन के लिए अपने बताए बैंक खाते में जमा करवाने और बाद में वापस लौटाने का भरोसा दिया।
23.46 लाख रुपये जमा करवाए, फिर मांगे 5.50 लाख
आरोपियों की धमकियों से घबराकर बुजुर्ग ने 30 सितंबर को 23,46,721 रुपये बताए गए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। इसके बाद दो अक्तूबर को आरोपियों ने चालान जारी करने और अधिवक्ता की फीस के नाम पर 5.50 लाख रुपये और मांगे। पहले भेजी गई रकम की रसीद मांगने पर आरोपियों ने सात अक्तूबर को व्हाट्सएप के माध्यम से रसीद भेजी। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
आरोपियों की धमकियों से घबराकर बुजुर्ग ने 30 सितंबर को 23,46,721 रुपये बताए गए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। इसके बाद दो अक्तूबर को आरोपियों ने चालान जारी करने और अधिवक्ता की फीस के नाम पर 5.50 लाख रुपये और मांगे। पहले भेजी गई रकम की रसीद मांगने पर आरोपियों ने सात अक्तूबर को व्हाट्सएप के माध्यम से रसीद भेजी। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
प्राथमिकी दर्ज, बैंक खातों की जांच जारी
धर्मशाला साइबर अपराध पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहायक पुलिस अधीक्षक कुलदीप कुमार के अनुसार, मामले में बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े लेनदेन और आरोपियों की पहचान की जांच कर रही है।
धर्मशाला साइबर अपराध पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहायक पुलिस अधीक्षक कुलदीप कुमार के अनुसार, मामले में बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े लेनदेन और आरोपियों की पहचान की जांच कर रही है।