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Bilaspur: कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बड़ी राहत, यूनिवर्सिटी की अपील हाईकोर्ट में खारिज, 14 साल से न्याय की आस

Mon, 26 Jun 2023 10:25 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 26 Jun 2023 10:25 PM IST
सार

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने सिंगल बेंच के आदेश के विरुद्ध यूनिवर्सिटी की अपील को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज किया। कुछ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसपर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई।

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High Court dismissed appeal of Guru Ghasidas Central University against Single Bench order regularizing daily
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : highcourt.cg.gov.in

विस्तार

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने सिंगल बेंच के आदेश के विरुद्ध यूनिवर्सिटी की अपील को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज किया। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के निर्णय को सही मानते हुए आदेश दिया कि राज्य शासन के आदेश पर इन कर्मचारियों को नियमित करना पूरी तरह विधिक कार्रवाई थी।

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गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने 22 अगस्त 2008 को नियमित करने का आदेश जारी किया था। तत्कालीन कुलपति प्रो एलएम मालवीय ने 26 अगस्त 2008 को नियमितीकरण के आदेश जारी किए थे। इससे पूर्व विवि कार्य परिषद् की 22 जुलाई 2008 को हुई बैठक में भी कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। 

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इससे पहले ही राज्य शासन ने 5 मार्च 2008 को तृतीय व चतुर्थ वर्ग कर्मियों को नियमित करने के लिए सर्कुलर जारी कर दिया था। 15 जनवरी 2009 को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद यहां केन्द्रीय विवि एक्ट लागू हो गया। इसके बाद यह भी तय हुआ कि कर्मचारियों को पूर्व सेवा शर्तों के अनुसार ही रखा जाएगा। सेवा शर्त राष्ट्रपति की अनुमति बिना नहीं बदली जाएगी। इस बीच मार्च 2009 में विवि ने इन कर्मियों को दैनिक वेतनभोगी का ही वेतन दिया। इसे कुछ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसपर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई।

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कोर्ट ने माना कि यह कर्मचारी दस साल से भी अधिक समय से काम कर रहे हैं। इनके नियमितीकरण का आदेश राज्य शासन ने विवि के रिक्त पदों के आधार पर ही किया है। कोर्ट ने समस्त लाभ देने का आदेश देते हुए याचिकाकर्ता कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश दिया था। विवि प्रशासन ने इसे डिवीजन बेंच में चुनौती दी।

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