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शवगृह के फ्रिजर खराब, दो शवों में से आ रही दुर्गंध, अधिकारी बोले चार दिन की छुट्टी है
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 07 Mar 2016 11:45 PM IST
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सिविल अस्पताल के शव गृह के पिछले चार दिन से फ्रिजर खराब हैं। इसके चलते शवगृह में रखे दो शवों को भयंकर दुर्गंध पैदा हो गई। मजबूरन एक शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई रैफर करना पड़ा। शवों की बेक्रदी से उनके परिजनों में खासा रोष है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग शवों की भी देखभाल नहीं कर पा रहा है। अव्यवस्था के कारण शव सड़ रहे हैं। इनसे दुर्गंध आ रही है। इससे अस्पताल के कर्मचारी भी शवगृह में बने अपने दफ्तर में नहीं बैठ पा रहे हैं। वहीं अधिकारी चार दिन छुट्टी बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
तीनों फ्रिजर खराब
सिविल अस्पताल स्थित शवगृह में तीन फ्रिजर हैं। तीनों फ्रीजर पिछले चार दिन से खराब है। फ्रीजर खराब होने से शवगृह में रखे दो शव बुरी तरह से सड़ गए। शव बुरी तरह से सड़कर फूल चुके हैं। शवों से आ रही भारी दुर्गंध से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पीड़ित परिजनों में भी शवों की हालत देखकर रोष है। सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि तीनों फ्रिजरों में पिछलें तीन दिन से कुलिंग नहीं बन पा रही है। इस बारे में अस्पताल के एमएस डा. एसके गुप्ता को अवगत करवा दिया गया था। एक मैकेनिक शनिवार को फ्रीजर ठीक करने भी आया था, लेकिन फ्रीजर ठीक नहीं हो पाए।
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इसलिए जरूरी है फ्रिजर
शवों को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए कूलिंग की जरूरत होती है। शवों को बर्फ के माध्यम कई दिनों तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। सिविल अस्पताल में तीन फ्रिजर के नीचे शवों को रखने के आठ बॉक्स बने हुए हैं। फ्रिजर में बॉडी करीब आठ-दस दिन तक खराब नहीं होती है। शवों में किसी तरह की दुर्गंध नहीं होती। फ्रिजर के बिना शव में आठ घंटे के बाद ही बदबू आनी शुरू हो जाती है। बॉडी सड़ने लगती है और फूल जाती है।
इनके शव बुरी तरह से सड़े
मामला नंबर एक
शनिवार रात को उझा रोड निवासी संजीव ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। संजीव मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। पुलिस ने संजीव के शव को सिविल अस्पताल में भिजवाकर उसके परिजनों को इस बारे में सूचित किया था। संजीव का शव 24 घंटे बिना फ्रिजर के रखे होने के कारण बुरी तरह से सड़ चुका है। शव सड़ कर फूल गया है। दुर्गंध दूर तक लोगों को परेशान कर रही है। शव की हालत खराब होने पर पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में होगा।
मामला नंबर दो
रविवार सुबह वधावाराम कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय बिमला का शव पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गांव बिंझौल के पास मिला था। बिमला शनिवार शाम को घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने रविवार को शव को नहर से बरामद कर शव गृह में भिजवा दिया था। शव 24 घंटे बिना फ्रिजर के शव गृह में होने से शव बुरी तरह से सड़ गया। शव फूल गया और शव से भारी दुर्गंध आ रही थी। परिजनों की शव की हालत खराब होने पर रोष जताया है। चिकित्सक शव की हालत खराब होने पर पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर करना चाहते थे, लेकिन परिजनों के दबाव में डॉक्टरों को शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में ही करना पड़ा।
चार दिन की छुट्टी होने के कारण शव गृह के फ्रिजर ठीक नहीं हो सके हैं। उन्हें इनके खराब होने से होने वाली परेशानियों का आभास है। फ्रिजर जल्द ठीक करवा दिए जाएंगे।
डॉ. एसके गुप्ता,एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
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बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग शवों की भी देखभाल नहीं कर पा रहा है। अव्यवस्था के कारण शव सड़ रहे हैं। इनसे दुर्गंध आ रही है। इससे अस्पताल के कर्मचारी भी शवगृह में बने अपने दफ्तर में नहीं बैठ पा रहे हैं। वहीं अधिकारी चार दिन छुट्टी बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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तीनों फ्रिजर खराब
सिविल अस्पताल स्थित शवगृह में तीन फ्रिजर हैं। तीनों फ्रीजर पिछले चार दिन से खराब है। फ्रीजर खराब होने से शवगृह में रखे दो शव बुरी तरह से सड़ गए। शव बुरी तरह से सड़कर फूल चुके हैं। शवों से आ रही भारी दुर्गंध से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पीड़ित परिजनों में भी शवों की हालत देखकर रोष है। सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि तीनों फ्रिजरों में पिछलें तीन दिन से कुलिंग नहीं बन पा रही है। इस बारे में अस्पताल के एमएस डा. एसके गुप्ता को अवगत करवा दिया गया था। एक मैकेनिक शनिवार को फ्रीजर ठीक करने भी आया था, लेकिन फ्रीजर ठीक नहीं हो पाए।
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इसलिए जरूरी है फ्रिजर
शवों को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए कूलिंग की जरूरत होती है। शवों को बर्फ के माध्यम कई दिनों तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। सिविल अस्पताल में तीन फ्रिजर के नीचे शवों को रखने के आठ बॉक्स बने हुए हैं। फ्रिजर में बॉडी करीब आठ-दस दिन तक खराब नहीं होती है। शवों में किसी तरह की दुर्गंध नहीं होती। फ्रिजर के बिना शव में आठ घंटे के बाद ही बदबू आनी शुरू हो जाती है। बॉडी सड़ने लगती है और फूल जाती है।
इनके शव बुरी तरह से सड़े
मामला नंबर एक
शनिवार रात को उझा रोड निवासी संजीव ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। संजीव मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। पुलिस ने संजीव के शव को सिविल अस्पताल में भिजवाकर उसके परिजनों को इस बारे में सूचित किया था। संजीव का शव 24 घंटे बिना फ्रिजर के रखे होने के कारण बुरी तरह से सड़ चुका है। शव सड़ कर फूल गया है। दुर्गंध दूर तक लोगों को परेशान कर रही है। शव की हालत खराब होने पर पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में होगा।
मामला नंबर दो
रविवार सुबह वधावाराम कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय बिमला का शव पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गांव बिंझौल के पास मिला था। बिमला शनिवार शाम को घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने रविवार को शव को नहर से बरामद कर शव गृह में भिजवा दिया था। शव 24 घंटे बिना फ्रिजर के शव गृह में होने से शव बुरी तरह से सड़ गया। शव फूल गया और शव से भारी दुर्गंध आ रही थी। परिजनों की शव की हालत खराब होने पर रोष जताया है। चिकित्सक शव की हालत खराब होने पर पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर करना चाहते थे, लेकिन परिजनों के दबाव में डॉक्टरों को शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में ही करना पड़ा।
चार दिन की छुट्टी होने के कारण शव गृह के फ्रिजर ठीक नहीं हो सके हैं। उन्हें इनके खराब होने से होने वाली परेशानियों का आभास है। फ्रिजर जल्द ठीक करवा दिए जाएंगे।
डॉ. एसके गुप्ता,एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।