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उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों को हाईकोर्ट के जज समान वेतन-भत्ते
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों के वेतन, भत्ते नए सिरे से तय किए हैं। मंत्रिमंडल ने मंगलवार को वेतन-भत्ते और अन्य सेवा शर्तों को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा उपभोक्ता संरक्षण नियम, 2021 को मंजूरी दी है। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष को वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश के समान मिलेंगे। सदस्य एचआरए, कन्वेंयस, टीए-डीए आदि सहित अन्य आवश्यक भत्तों के साथ 80,000 रुपये प्रति माह के निर्धारित मानदेय के हकदार होंगे।
जिला आयोग के अध्यक्ष को देय वेतन और भत्ते
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष चिकित्सा भत्ते के साथ एक जिला न्यायाधीश के लिए स्वीकार्य वेतन के बराबर वेतन के हकदार होंगे। सदस्य एचआरए, कन्वेंयस, टीए-डीए आदि सहित अन्य आवश्यक भत्तों के साथ 55,000 रुपये प्रति माह के निर्धारित मानदेय के हकदार होंगे।
अन्य सेवा शर्तें
राज्य या जिला आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्ति के बाद राज्य आयोग या जिला आयोग में प्रैक्टिस नहीं करेंगे। किसी भी मामले में अपनी क्षमताओं में कार्य करते हुए कोई मध्यस्थता नहीं करेंगे। पद छोड़ने के दो साल की अवधि तक किसी भी ऐसे व्यक्ति के प्रबंधन या प्रशासन से जुड़े किसी रोजगार को स्वीकार नहीं करेंगे, जो राज्य या जिला आयोग के समक्ष किसी कार्यवाही में पक्षकार रहा हो।
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जिला आयोग के अध्यक्ष को देय वेतन और भत्ते
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष चिकित्सा भत्ते के साथ एक जिला न्यायाधीश के लिए स्वीकार्य वेतन के बराबर वेतन के हकदार होंगे। सदस्य एचआरए, कन्वेंयस, टीए-डीए आदि सहित अन्य आवश्यक भत्तों के साथ 55,000 रुपये प्रति माह के निर्धारित मानदेय के हकदार होंगे।
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अन्य सेवा शर्तें
राज्य या जिला आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्ति के बाद राज्य आयोग या जिला आयोग में प्रैक्टिस नहीं करेंगे। किसी भी मामले में अपनी क्षमताओं में कार्य करते हुए कोई मध्यस्थता नहीं करेंगे। पद छोड़ने के दो साल की अवधि तक किसी भी ऐसे व्यक्ति के प्रबंधन या प्रशासन से जुड़े किसी रोजगार को स्वीकार नहीं करेंगे, जो राज्य या जिला आयोग के समक्ष किसी कार्यवाही में पक्षकार रहा हो।
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