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Panchkula News: पंजाब में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए एक्ट में होगा संशोधन
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चंडीगढ़। राज्स सरकार पंजाब भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम में संशोधन करने की तैयारी कर रही है, ताकि बाल भिक्षावृत्ति करवाने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जा सके। इस संबंध में जल्द ही लोगों से सुझाव मांगे जाएंगे।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अगर बाल भिक्षावृत्ति के पीछे कोई माफिया सामने आया तो पुलिस विभाग के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही जिला व ब्लॉक स्तर पर कमेटियां गठित की जाएंगी, ताकि स्थानीय लोगों के सहयोग से बाल भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। अभियान के दौरान 263 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था, जिसमें से 146 लड़के और 117 लड़कियां हैं।
126 बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया हैं जबकि 137 बच्चे शेल्टर होम्स में हैं। इनमें से 99 बच्चे दूसरे राज्यों से हैं, जिनमें से 43 बच्चों के परिवार को अभी भी वह ट्रैक कर रहे हैं। 15 बच्चों के माता-पिता संदिग्ध पाए गए हैं। ये बच्चे अच्छी तरह से बोल भी नहीं पा रहे हैं। यही कारण है कि इनका डीएनए टेस्ट करवाया गया है, जिसकी सितंबर तक रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
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सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अगर बाल भिक्षावृत्ति के पीछे कोई माफिया सामने आया तो पुलिस विभाग के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही जिला व ब्लॉक स्तर पर कमेटियां गठित की जाएंगी, ताकि स्थानीय लोगों के सहयोग से बाल भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। अभियान के दौरान 263 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था, जिसमें से 146 लड़के और 117 लड़कियां हैं।
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126 बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया हैं जबकि 137 बच्चे शेल्टर होम्स में हैं। इनमें से 99 बच्चे दूसरे राज्यों से हैं, जिनमें से 43 बच्चों के परिवार को अभी भी वह ट्रैक कर रहे हैं। 15 बच्चों के माता-पिता संदिग्ध पाए गए हैं। ये बच्चे अच्छी तरह से बोल भी नहीं पा रहे हैं। यही कारण है कि इनका डीएनए टेस्ट करवाया गया है, जिसकी सितंबर तक रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
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