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Panchkula News: गड्ढों में तब्दील पंचकूला का इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1
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बदहाल सड़कों से उद्यमियों में भारी रोष, करोड़ों टैक्स के बाद भी बुनियादी सुविधाएं नदारद
चरन सिंह टिब्बी
पंचकूला। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 पंचकूला की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढों के कारण सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं। हालात ऐसे हैं कि यहां सड़कें कम और गड्ढों की श्रृंखला ज्यादा नजर आती है। इस बदहाली के चलते यहां काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और उद्यमियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उद्यमियों का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन करीब तीन लाख लोग काम करते हैं। यहां स्थापित उद्योग हर महीने सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स अदा करते हैं, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। खराब सड़कों के कारण माल ढुलाई में दिक्कतें आ रही हैं और वाहन बार-बार खराब हो रहे हैं, जिससे उद्योगों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
उद्योग संगठनों के सदस्यों ने बताया कि इस समस्या को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी/हुड्डा) और पीएमडीए समेत संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उद्यमियों का कहना है कि भारी भरकम टैक्स देने के बावजूद वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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बाहर से आने वाले उद्योगपति और कारोबारी जब इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों की हालत देखते हैं तो पंचकूला की छवि को गहरा नुकसान पहुंचता है। मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, गुजरात सहित अन्य बड़े शहरों से आने वाले कारोबारी यहां की अव्यवस्थाओं को देखकर हैरान रह जाते हैं और शहर को लेकर नकारात्मक संदेश लेकर लौटते हैं।
उद्यमियों ने आरोप लगाया कि पंचकूला को स्वच्छता और बेहतर बुनियादी ढांचे वाला शहर केवल कागजों और रिपोर्टों में ही दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की बदहाल स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उद्यमियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि उद्योग सुचारु रूप से चल सकें और कर्मचारियों को राहत मिल सके। संवाद
उद्यमियों की प्रतिक्रिया
सरकार को ध्यान देना चाहिए
करोड़ों रुपये का टैक्स देने के बाद भी जब बुनियादी ढांचा बदहाल हो तो निराशा लाजमी है। संबंधित विभाग और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
-संजीव तलवार, उद्योगपति
प्रशासन को नहीं दिखता
यहां रोज लाखों लोग आते-जाते हैं लेकिन प्रशासन को परेशानी दिखाई नहीं देती। विभाग को तुरंत समाधान करना चाहिए।
-राजन नंदा, उद्योगपति
नकारात्मक संदेश जा रहा
बाहर से आने वाले कारोबारी जब पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें और अव्यवस्थाएं देखते हैं तो शहर की छवि को लेकर नकारात्मक संदेश लेकर लौटते हैं।
- विजय नारद, उद्योगपति
किसी भी विभाग ने नहीं सुना
कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र लिखकर इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें और अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
-अरुण ग्रोवर, चेयरमैन, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
विकास की बातें फाइलों में
पंचकूला में साफ-सफाई और विकास की बातें केवल फाइलों और रिपोर्टों में दिखाई देती हैं जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है।
-विनय बंसल, उद्योगपति
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चरन सिंह टिब्बी
पंचकूला। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 पंचकूला की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढों के कारण सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं। हालात ऐसे हैं कि यहां सड़कें कम और गड्ढों की श्रृंखला ज्यादा नजर आती है। इस बदहाली के चलते यहां काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और उद्यमियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उद्यमियों का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन करीब तीन लाख लोग काम करते हैं। यहां स्थापित उद्योग हर महीने सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स अदा करते हैं, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। खराब सड़कों के कारण माल ढुलाई में दिक्कतें आ रही हैं और वाहन बार-बार खराब हो रहे हैं, जिससे उद्योगों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
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उद्योग संगठनों के सदस्यों ने बताया कि इस समस्या को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी/हुड्डा) और पीएमडीए समेत संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उद्यमियों का कहना है कि भारी भरकम टैक्स देने के बावजूद वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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बाहर से आने वाले उद्योगपति और कारोबारी जब इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों की हालत देखते हैं तो पंचकूला की छवि को गहरा नुकसान पहुंचता है। मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, गुजरात सहित अन्य बड़े शहरों से आने वाले कारोबारी यहां की अव्यवस्थाओं को देखकर हैरान रह जाते हैं और शहर को लेकर नकारात्मक संदेश लेकर लौटते हैं।
उद्यमियों ने आरोप लगाया कि पंचकूला को स्वच्छता और बेहतर बुनियादी ढांचे वाला शहर केवल कागजों और रिपोर्टों में ही दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की बदहाल स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उद्यमियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि उद्योग सुचारु रूप से चल सकें और कर्मचारियों को राहत मिल सके। संवाद
उद्यमियों की प्रतिक्रिया
सरकार को ध्यान देना चाहिए
करोड़ों रुपये का टैक्स देने के बाद भी जब बुनियादी ढांचा बदहाल हो तो निराशा लाजमी है। संबंधित विभाग और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
-संजीव तलवार, उद्योगपति
प्रशासन को नहीं दिखता
यहां रोज लाखों लोग आते-जाते हैं लेकिन प्रशासन को परेशानी दिखाई नहीं देती। विभाग को तुरंत समाधान करना चाहिए।
-राजन नंदा, उद्योगपति
नकारात्मक संदेश जा रहा
बाहर से आने वाले कारोबारी जब पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें और अव्यवस्थाएं देखते हैं तो शहर की छवि को लेकर नकारात्मक संदेश लेकर लौटते हैं।
- विजय नारद, उद्योगपति
किसी भी विभाग ने नहीं सुना
कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र लिखकर इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें और अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
-अरुण ग्रोवर, चेयरमैन, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
विकास की बातें फाइलों में
पंचकूला में साफ-सफाई और विकास की बातें केवल फाइलों और रिपोर्टों में दिखाई देती हैं जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है।
-विनय बंसल, उद्योगपति