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रिमांड के दौरान नागर ने पेश की तथाकथित वीडियो, सार्वजनिक करे सरकार ः सुरजेवाला

Tue, 30 Nov 2021 01:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 30 Nov 2021 01:42 AM IST
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Nagar presented the so-called video during remand, the government should make it public: Surjewala
चंडीगढ़। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार एचपीएससी फर्जीवाड़े को दबाकर बड़े लोगों को बचाने की तैयारी कर रही है। इसलिए सरकार के इशारे पर विजिलेंस ने आरोपियों से न तो दस्तावेजों की रिकवरी की और न ही अदालत में पूरे तथ्य पेश किए। इसलिए आरोपियों को दोबारा से रिमांड नहीं मिला। सुरजेवाला ने ये भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान अनिल नागर द्वारा एक तथाकथित वीडियो पेश किया गया, जिससे फर्जी ओएमआर शीट भरने के रैकेट का जुड़ाव सत्ता में बैठे बड़े मठाधीशों से साबित हो जाता है? इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
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सुरजेवाला ने कहा कि अगर विजिलेंस इस मामले की सही जांच करती तो आरोपियों का रिमांड मिलता और अन्य आरोपियों को काबू किया जा सकता था। सुरजेवाला ने कहा कि विजिलेंस ने अदालत में आरोपियों के रिमांड पेपरों में भी अलग अलग स्थान बताए हैं, जो भ्रम पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने मांग की, कि इस मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जाए।
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15 दिन तक ले सकते हैं रिमांड, विजिलेंस सेशन अदालत में क्यों नहीं गई
विजिलेंस की जांच पर सवाल उठाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 167 के मुताबिक आरोपी के अदालत में पेश होने के 15 दिन तक साक्ष्य एकत्रित करने के लिए पुलिस रिमांड दिया जा सकता है। सवाल यह है कि अगर मजिस्ट्रेट ने रिमांड खारिज भी कर दिया, तो सरकार व विजिलेंस विभाग ने जिला एवं सेशन जज की अदालत में रिवीजन-अपील क्यों नहीं की। अगर विजिलेंस दोबारा से सीजेएम अदालत में तथ्य रखती तो भी आरोपियों का रिमांड मिल सकता था, लेकिन विजिलेंस ने ऐसा नहीं किया।
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जसबीर सिंह व अन्य आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं
सुरजेवाला ने कहा कि विजिलेंस की रिमांड एप्लीकेशंस में साफ तौर से जसबीर सिंह बल्हारा, उसके कर्मचारी विजय बल्हारा का नाम आरोपी के तौर पर आया है, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बावजूद इनसे पूछताछ तक नहीं की गई। दूसरा, एचपीएससी चेयरमैन और एचएसएससी चेयरमैन से भी विजिलेंस से कोई बात नहीं की है। ऐेसे में साफ है कि विजिलेंस मामले को दबा रही है।
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