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Panchkula News: आईसीसीसी अटका, कचरा केंद्रों की कैमरा निगरानी भी लटकी
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पंचकूला। इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का प्रोजेक्ट दो साल से अटका होने के कारण नगर निगम की गार्बेज कलेक्शन सेंटरों पर कैमरों से निगरानी की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है। निगम ने शहर में कैमरों की इंस्टालेशन के लिए पीएमडीए को रिमाइंडर भेजा है। कैमरे लगने के बाद कचरा उठान और अवैध रूप से कूड़ा डालने वालों पर नजर रखी जा सकेगी। एक दिन पहले निगम कमिश्नर ने चालान के लिए चार टीमें गठित कर पीओएस मशीनें भी अलाट की हैं।
सरकार से मंजूरी मिलने के करीब डेढ़ साल बाद भी 209 करोड़ रुपये का आईसीसीसी प्रोजेक्ट कागजों में अटका है। पीएमडीए अभी अलग-अलग विभागों से सीसीटीवी कवरेज और जरूरतों की जानकारी जुटा रहा है। निगम ने शहर में करीब 75 ऐसी जगहों को चिन्हित किया है जहां लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। इन जगहों का सर्वे कराया जाएगा। निगम के 35 गार्बेज कलेक्शन सेंटर हैं, जहां से रोजाना कूड़ा उठाकर अलीपुर प्रोसेसिंग प्लांट पहुंचाया जाता है।
कचरा प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता
निगम अधिकारियों के अनुसार आईसीसीसी से जुड़ने के बाद कैमरों की लाइव फीड कंट्रोल रूम में दिखाई देगी। इससे पता चल सकेगा कि सेंटर पर कचरा कब आया और कब उठाया गया। संवेदनशील सेंटरों पर पहले कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। बाद में सभी वार्डों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे सफाई एजेंसी और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
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सरकार से मंजूरी मिलने के करीब डेढ़ साल बाद भी 209 करोड़ रुपये का आईसीसीसी प्रोजेक्ट कागजों में अटका है। पीएमडीए अभी अलग-अलग विभागों से सीसीटीवी कवरेज और जरूरतों की जानकारी जुटा रहा है। निगम ने शहर में करीब 75 ऐसी जगहों को चिन्हित किया है जहां लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। इन जगहों का सर्वे कराया जाएगा। निगम के 35 गार्बेज कलेक्शन सेंटर हैं, जहां से रोजाना कूड़ा उठाकर अलीपुर प्रोसेसिंग प्लांट पहुंचाया जाता है।
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कचरा प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता
निगम अधिकारियों के अनुसार आईसीसीसी से जुड़ने के बाद कैमरों की लाइव फीड कंट्रोल रूम में दिखाई देगी। इससे पता चल सकेगा कि सेंटर पर कचरा कब आया और कब उठाया गया। संवेदनशील सेंटरों पर पहले कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। बाद में सभी वार्डों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे सफाई एजेंसी और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
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