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Panchkula News: भगोड़ा जरनैल बाजवा वीसी से सुन रहा था केस, कोर्ट में डीजीपी हुए शर्मिंदा

Fri, 30 Aug 2024 06:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2024 06:39 AM IST
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Fugitive Jarnail Bajwa was hearing the case from VC, DGP embarrassed in court
चंडीगढ़। भगोड़े बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा को कोशिशों के बावजूद गिरफ्तार करने में नाकाम होने की पंजाब के डीजीपी की दलीलों के बीच वह चुपचाप वीसी से केस सुनता पकड़ा गया। वीसी के जरिये उसने अदालत में पेश होने की मोहलत मांगी तो हाईकोर्ट ने उसे फटकार लगाते हुए इससे इन्कार कर दिया। इस वाकया से पुलिस की कोशिशों को बता रहे कोर्ट में मौजूद डीजीपी की काफी किरकिरी हुई। डीजीपी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में पुलिस को बाजवा की तलाश करने में नाकाम बताया गया। केस की सुनवाई शुरू होते ही डीजीपी ने हाईकोर्ट को बताया कि बाजवा पर कुल 53 एफआईआर हैं। हाईकोर्ट ने पाया कि इनमें से 39 में जांच लंबित है और कुछ मामले तो 5 साल से भी पुराने हैं। डीजीपी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि इनकी जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी। हाईकोर्ट ने इस पर डीजीपी को आदेश दिया कि अगली सुनवाई पर यह बताया जाए कि कब तक इन मामलों में जांच पूरी होगी।
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सुनवाई के दौरान बेंच सेक्रेटरी ने पाया कि बाजवा चुपचाप कोर्ट की कार्रवाई सुन रहा था। इस पर हाईकोर्ट ने बाजवा से पूछा कि हमारे आदेश के बावजूद आप कोर्ट में हाजिर क्यों नहीं हुए। बाजवा ने कहा कि वह कुछ शिकायतकर्ताओं से समझौता करने के लिए पैसे का इंतजाम कर रहा है। उसे पेश होने के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार मौका देने के बावजूद आप पेश नहीं हुए, आप किसी भी रहम के हकदार नहीं हैं। हाईकोर्ट ने बाजवा को आदेश दिया कि वे अपनी सभी संपत्तियों की अगली सुनवाई पर जानकारी दें। इसमें चल, अचल संपत्ति व कंपनियों का बयोरा भी हो।
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इसके बाद हाईकोर्ट ने डीजीपी से जवाब मांगा कि जिस व्यक्ति को प्रयासों के बावजूद गिरफ्तार न कर पाने की बात कर रहे हैं वह वीसी के जरिये कोर्ट से जुड़ा है। डीजीपी गौरव यादव ने शर्मिंदा कर देने वाली स्थिति में इस मामले में पुलिस की असफलता और ढिलाई को स्वीकार किया। हाईकोर्ट ने कहा कि कृत्य और आचरण न केवल अवमाननापूर्ण, न्यायिक मशीनरी और उसके कामकाज में बाधा उत्पन्न करने का भी प्रयास है।
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