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कामधेनु गोशाला सेवा सदन के संस्थापक को मिली जमानत

Fri, 29 Jan 2021 01:39 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 01:39 AM IST
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Founder of Kamdhenu Gaushala Seva Sadan gets bail
पंचकूला। कामधेनु गोशाला सेवा सदन के संस्थापक सुरेंद्र कुमार शर्मा को पंचकूला की जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। उन पर पुलिस ने कई धाराओं को हटा दिया है। अब उन पर 323, 325 और 34 आईपीसी के तहत ही केस चलेगा।
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सेवानिवृत्त इंसपेक्टर सुरेंद्र शर्मा निवासी सेन मोहल्ला पिंजौर कामधेनु गोशाला पिंजौर में बतौर सचिव कार्यरत हैं। 9 जनवरी को उन्हें दो बजे सचिन निवासी पिंजौर ने सूचना दी थी कि उनके खाली प्लॉट में एक गाय ने बच्चा दिया है और उसे कुत्ते नोंच रहे हैं। इसके बाद सुरेंद्र कुमार ने एक चौपहिया वाहन मंगवा कर गोशाला के ही एक सेवादार को साथ लेकर मौके पर गए थे। वहां एकत्रित लोगों की सहायता से गाय को उसके बछड़े सहित चौपहिया वाहन में डालकर गोशाला में ले जा रहे थे कि रास्ते में एक व्यक्ति लक्ष्मी नारायण ने उनको रोक लिया। सुरेंद्र शर्मा से गाली गलौच कर कहा कि गाय उसकी है, इसे कहां ले जा रहे हो? सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि अगर यह गाय तुम्हारी है, तो अपने जान पहचान वालों को लेकर गोशाला आ जाना। मौके पर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई। इस दौरान उनको कुछ चोटें भी आई। जिसके बाद लक्ष्मी नारायण ने सुरेंद्र शर्मा के खिलाफ थाना पिंजौर में केस दर्ज करवा दिया। इस मामले में 14 जनवरी को सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के जांच अधिकारी एएसआई आनंद ने मामले में सुरेंद्र शर्मा पर चोरी, डकैती, मारपीट सहित कई धाराएं लगा दी थी। इसके बाद सुरेंद्र शर्मा ने जमानत याचिका में आपबीती बयान की, लेकिन निचली अदालत से उन्हें जमानत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पंचकूला जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका लगाई। जहां पर कोर्ट ने सुरेंद्र शर्मा पर पुलिस द्वारा लगाई गई धारा 379, 394 और 411 को हटा दिया है। सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के साथ मिलीभगत कर उन पर गंभीर धाराएं लगा दी, जबकि वह गाय और बछड़े को बचाने की कोशिश कर रहे थे। यदि गाय और बछड़े को समय पर गोशाला नहीं पहुंचाते, तो वह मर सकते थे। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि वह इस मामले में जांच अधिकारी एवं शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
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