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पीयू की प्रयोगशालाओं के लिए बढ़ सकता है बजट
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं के लिए बजट बढ़ेगा। इसके लिए विभागों की ओर से मांग आ रही है। पीयू कमेटी बनाकर इस पर निर्णय लेगी।
कोरोना के समय विद्यार्थी घर से पढ़ाई कर रहे थे। क्योंकि रसायन व उपकरणों का उपयोग बंद था। ऐसे में पीयू की सिंडिकेट ने निर्णय लिया था कि रसायन व उपकरणों की खरीद का बजट लगभग 40 फीसदी कम कर दिया जाए। अब कोरोना से हालात ठीक हुए तो विद्यार्थी कैंपस में आने लगे। शोधार्थियों के अलावा पीजी के छात्र प्रयोगशालाओं में आए और प्रयोग शुरू किए।
सूत्रों का कहना है कि विज्ञान संकाय के कुछ विभागों की प्रयोगशालाओं में रसायन की कमी महसूस हो रही है। इसके अलावा उपकरण आदि खरीद भी होनी है। विभागों के पास बजट नहीं हैं और न अपने स्तर से वह निर्णय ले पा रहे हैं। उन्होंने पीयू प्रशासन के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे हैं। बताया जाता है कि कमेटी के जरिए ही इस पर बात होगी या फिर सिंडिकेट का गठन होगा, उसके बाद इस पर निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन तब तक शोधार्थियों व पीजी के विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ेगा।
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कोरोना के समय विद्यार्थी घर से पढ़ाई कर रहे थे। क्योंकि रसायन व उपकरणों का उपयोग बंद था। ऐसे में पीयू की सिंडिकेट ने निर्णय लिया था कि रसायन व उपकरणों की खरीद का बजट लगभग 40 फीसदी कम कर दिया जाए। अब कोरोना से हालात ठीक हुए तो विद्यार्थी कैंपस में आने लगे। शोधार्थियों के अलावा पीजी के छात्र प्रयोगशालाओं में आए और प्रयोग शुरू किए।
सूत्रों का कहना है कि विज्ञान संकाय के कुछ विभागों की प्रयोगशालाओं में रसायन की कमी महसूस हो रही है। इसके अलावा उपकरण आदि खरीद भी होनी है। विभागों के पास बजट नहीं हैं और न अपने स्तर से वह निर्णय ले पा रहे हैं। उन्होंने पीयू प्रशासन के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे हैं। बताया जाता है कि कमेटी के जरिए ही इस पर बात होगी या फिर सिंडिकेट का गठन होगा, उसके बाद इस पर निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन तब तक शोधार्थियों व पीजी के विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ेगा।
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