{"_id":"61f2d6c3ba526267fd366be8","slug":"assembly-speaker-gian-chand-gupta-made-surprise-inspection-at-panchkula-municipal-corporation-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचकूला: विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने नगर निगम कार्यालय का किया औचक निरीक्षक, 87 फाइलों के रिकॉर्ड गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचकूला: विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने नगर निगम कार्यालय का किया औचक निरीक्षक, 87 फाइलों के रिकॉर्ड गायब
Thu, 27 Jan 2022 11:03 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 27 Jan 2022 11:03 PM IST
सार
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि राजस्व रिलाइजेशन कमेटी ने जांच में पाया है कि एक अधिकारी द्वारा बिना अथॉरिटी के करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस और रेंट जमा करवाए बिना ही मोबाइल कंपनी को टावर लगाए जाने की स्वीकृति जारी कर दी गई।
विज्ञापन
औचक निरीक्षण करते हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित नगर निगम कार्यालय का विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शहर में लगे विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टावरों से आने वाले राजस्व से संबंधित फाइलों की जांच की। जहां जांच के दौरान उन्हें मोबाइल कंपनियों से संबंधित 87 फाइलों का रिकॉर्ड ही नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और विभागीय कर्मचारियों को जमकर लताड़ा। इस मौके पर उनके साथ नगर निगम महापौर कुलभूषण गोयल और नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जीओ कंपनी के टावर्स से संबंधित 21 फाइलों का रिकॉर्ड नगर निगम कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार इंडस कंपनी की 16 फाइल, एयरटेल की 13, वोडाफोन की 18 फाइल, बीएसएनएल की 3 और एटीसी की 16 फाइलों से संबंधित रिकॉर्ड गायब हैं। गुप्ता ने कहा कि काफी समय से उन्हें शिकायतें मिल रही थीं कि कई मोबाइल कंपनियों द्वारा वर्षों से निर्धारित फीस का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शहर में एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल, एटीसी, इंडस और जीओ कंपनी के कुल 318 टावर लगे हैं, परंतु उक्त कंपनियों द्वारा वर्ष 2016 के बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है, जो कि एक गंभीर मामला है। हालांकि कुलभूषण गोयल द्वारा नगर निगम के मेयर का कार्यभार संभालने के पश्चात पिछले एक वर्ष में लगभग 10 करोड़ रुपये मोबाइल कंपनियों से टावर्स और लीज लाइन की फीस के रूप में रिकवर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि तय शुल्क का भुगतान नहीं करने वाली मोबाइल कंपनियों के कनेक्शन एक सप्ताह के भीतर काटने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
गड्ढे नहीं भरने वाली मोबाइल कंपनियों पर होगी कार्रवाई
ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि बड़ी-बड़ी मोबाइल कंपनियों द्वारा लाइन बिछाने के पश्चात सड़कों पर गड्ढों को पूरी तरह से भरा नहीं जाता, जिससे लोगों को असुविधा होती है। गुप्ता ने कहा कि ऐसी कंपनियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बुधवार को जांच में पाए गए तथ्यों की एक विस्तृत रिपोर्ट स्थानीय निकाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ विभाग के मंत्री कमल गुप्ता को भेजी जाएगी ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।