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प्रशासन अलर्ट: सुखना लेक चंडीगढ़ का जलस्तर बढ़ने के आसार, खोलने पड़ सकते हैं फ्लड गेट
Tue, 20 Aug 2019 11:15 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 11:15 AM IST
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सुखना लेक
- फोटो : SELF
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पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से सुखना लेक का वाटर लेवल अभी और बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि सोमवार को लेक के जलस्तर में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। अगर जलस्तर 1164 फुट के करीब पहुंचा तो सुखना के गेट खोल दिए जाएंगे।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से लेक का जलस्तर 1162 फुट से पार हो गया था। सोमवार को बारिश नहीं होने से लेक के वाटर लेवल में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। हालांकि यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का कहना है कि पहाड़ी इलाकों का पानी लेक में आता है इसलिए अभी सुखना का जलस्तर और बढ़ सकता है।
वहीं मौसम विभाग के अफसरों के अनुसार शहर में अच्छी बारिश के संकेत हैं। ऐसे में सुखना का वाटर लेवल पिछले कई साल का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है। सोमवार को इस संबंध में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की मीटिंग हुई। इसमें सुखना के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए रखने को लेकर आदेश दिया गया है।
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सुखना लेक का जलस्तर जून की गर्मी में गिरकर 1156 फुट से भी नीचे चला गया था। वहीं भारी बारिश के बाद से पारा भी गिरा है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। 2018 में सुखना झील में रिकॉर्ड तोड़ वाटर लेवल दर्ज किया गया था। उन दिनों हुई बारिश की वजह से सुखना का लेवल 1164 फुट तक पहुंच गया था।
अच्छी बारिश के चलते सुखना रेगुलेटरी एंड का फ्लड गेट खोलना पड़ा था। प्रशासन एक बार फिर से लेक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लेक के गेट खोलने को तैयार है।
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शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से लेक का जलस्तर 1162 फुट से पार हो गया था। सोमवार को बारिश नहीं होने से लेक के वाटर लेवल में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। हालांकि यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का कहना है कि पहाड़ी इलाकों का पानी लेक में आता है इसलिए अभी सुखना का जलस्तर और बढ़ सकता है।
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वहीं मौसम विभाग के अफसरों के अनुसार शहर में अच्छी बारिश के संकेत हैं। ऐसे में सुखना का वाटर लेवल पिछले कई साल का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है। सोमवार को इस संबंध में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की मीटिंग हुई। इसमें सुखना के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए रखने को लेकर आदेश दिया गया है।
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सुखना लेक का जलस्तर जून की गर्मी में गिरकर 1156 फुट से भी नीचे चला गया था। वहीं भारी बारिश के बाद से पारा भी गिरा है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। 2018 में सुखना झील में रिकॉर्ड तोड़ वाटर लेवल दर्ज किया गया था। उन दिनों हुई बारिश की वजह से सुखना का लेवल 1164 फुट तक पहुंच गया था।
अच्छी बारिश के चलते सुखना रेगुलेटरी एंड का फ्लड गेट खोलना पड़ा था। प्रशासन एक बार फिर से लेक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लेक के गेट खोलने को तैयार है।