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मनन सैनी 2
Updated Mon, 28 Aug 2017 09:44 PM IST
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कादियां पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
गुरदासपुर।
गांव सलाहपुर के अमरीक सिंह पुत्र अजीत सिंह ने थाना कादियां पुलिस पर उसके भाई को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए साथियों के साथ पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे अमरीक सिंह, त्रिलोक सिंह, कुलवंत सिंह, हरदीप सिंह, जोगा सिंह तथा चन्न सिंह न बताया कि फरवरी में एक अखबार में सिंगापुर काम के लिये भेजने संबंधी इश्तहार आया था। इश्तहार देखकर उनके भतीजे गुरपाल सिंह व उसके कुछ साथियों ने सिंगापुर जाने का योजना बनाई। उन्होंने इश्तहार में दिए गए फोन नंबर पर संपर्क करने पर राजबीर सिंह निवासी राजपुरा से बात हुई। उन्होंने राजबीर सिंह से मुलाकात की ौर बाहर जाने की इच्छा जताई। इस पर राजबीर ने प्रति व्यक्ति 65 हजार रुपये की डिमांड की तथा सभी को सिंगापुर भेजने का वादा किया। सभी नवयुवकों ने उसके खाते में पैसे किश्तों में पैसे डालने आरंभ कर दिए। जब सारे पैसे राजबीर के खाते में डाल दिये गए तो वह फरार हो गया।
अमरीक सिंह ने बताया कि उनके भतीजे गुरपाल सिंह ने एंटी फ्राड कार्यालय बटाला में 17 अप्रैल को शिकायत की थी, जिसकी जांच अभी चल रही है। उन्होंने बताया कि उन्हीं के गांव के निशान सिंह व उसके कुछ साथियों ने भतीजे से पैसे मांगने शुरू कर दिए और उसकी शिकायत पुलिस थाना कादियां में भी की। अमरीक सिंह ने बताया कि कादियंा पुलिस ने उसके भतीजे गुरपाल सिंह तथा उनके भाई कुलवंत सिंह को 25 अगस्त से अपनी हिरासत में रखा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि दोनों को पुलिस से छुड़वाया जाए।
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इस संबंध में एंटी फ्राड के इंस्पेक्टर सतिंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। अभी कुछ समय और लग सकता है। थाना प्रभारी कादियां ललित कुमार का कहना है कोई आपसी झगड़ा है। देश शाम तक उनका राजीनामा हो जाएगा।
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गुरदासपुर।
गांव सलाहपुर के अमरीक सिंह पुत्र अजीत सिंह ने थाना कादियां पुलिस पर उसके भाई को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए साथियों के साथ पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे अमरीक सिंह, त्रिलोक सिंह, कुलवंत सिंह, हरदीप सिंह, जोगा सिंह तथा चन्न सिंह न बताया कि फरवरी में एक अखबार में सिंगापुर काम के लिये भेजने संबंधी इश्तहार आया था। इश्तहार देखकर उनके भतीजे गुरपाल सिंह व उसके कुछ साथियों ने सिंगापुर जाने का योजना बनाई। उन्होंने इश्तहार में दिए गए फोन नंबर पर संपर्क करने पर राजबीर सिंह निवासी राजपुरा से बात हुई। उन्होंने राजबीर सिंह से मुलाकात की ौर बाहर जाने की इच्छा जताई। इस पर राजबीर ने प्रति व्यक्ति 65 हजार रुपये की डिमांड की तथा सभी को सिंगापुर भेजने का वादा किया। सभी नवयुवकों ने उसके खाते में पैसे किश्तों में पैसे डालने आरंभ कर दिए। जब सारे पैसे राजबीर के खाते में डाल दिये गए तो वह फरार हो गया।
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अमरीक सिंह ने बताया कि उनके भतीजे गुरपाल सिंह ने एंटी फ्राड कार्यालय बटाला में 17 अप्रैल को शिकायत की थी, जिसकी जांच अभी चल रही है। उन्होंने बताया कि उन्हीं के गांव के निशान सिंह व उसके कुछ साथियों ने भतीजे से पैसे मांगने शुरू कर दिए और उसकी शिकायत पुलिस थाना कादियां में भी की। अमरीक सिंह ने बताया कि कादियंा पुलिस ने उसके भतीजे गुरपाल सिंह तथा उनके भाई कुलवंत सिंह को 25 अगस्त से अपनी हिरासत में रखा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि दोनों को पुलिस से छुड़वाया जाए।
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इस संबंध में एंटी फ्राड के इंस्पेक्टर सतिंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। अभी कुछ समय और लग सकता है। थाना प्रभारी कादियां ललित कुमार का कहना है कोई आपसी झगड़ा है। देश शाम तक उनका राजीनामा हो जाएगा।