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Kaithal News: ढांड मंडी में मजदूरों की हड़ताल
Thu, 03 Oct 2024 05:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 03 Oct 2024 05:54 AM IST
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। पीआर धान की खरीद नहीं होने के चलते ढांड मंडी में मजदूरों ने भी हड़ताल कर दी है। विस्तार अनाज मंडी में शेड के नीचे सभी मजदूर एकत्रित हुए और काम ना चलने के कारण आ रही परेशानियों पर विचार विमर्श किया।
सुनील, इंद्र, बंसी आदि ने प्रवासी मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि 10 दिनों से मंडी में खाली हाथ बैठे है। घर बार छोड़ कर मजदूरी करने के लिए यहां आए थे, लेकिन पिछले 10 दिनों से मंडी में धान की बिक्री ना होने के चलते हाथ बैठे है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान पर लगभग 10 से 15 मजदूर है। खाली बैठ कहां से गुजारा करेंगे। खाने पीने के लिए हर रोज पैसे की जरूरत होती है। पैसा तो आढ़ती दे रहे हैं, लेकिन खाली बैठ कर अगर आढ़ती से एडवांस लेकर खाते रहे तो काम कैसे चलेगा। पीछे घर पर भी परिवार को छोड़कर आए हैं। कमाएंगे नही तो उनके लिए गुजारा कहां से होगा।
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मजदूरों ने मंडी प्रधान नरेश सहारण को कहा कि मंडी में जो धान की ढेरियां नमी वाली आई हुई है। उनकी सुखाई करने के लिए भी हमारी मजदूरी कुछ बढ़ा दी जाए। अगर मजदूरी नही बढ़ाई तो हम ना तो सुखाई करेंगे और ना ही धान की ढेरियों में पल्टी लगाएंगे।
मंडी प्रधान ने ने मजदूरों को आश्वासन दिया है कि आढ़तियों की मीटिंग बुलाकर बात करके मजदूरी संबंधी समस्या का समाधान किया जाएगा।
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ढांड। पीआर धान की खरीद नहीं होने के चलते ढांड मंडी में मजदूरों ने भी हड़ताल कर दी है। विस्तार अनाज मंडी में शेड के नीचे सभी मजदूर एकत्रित हुए और काम ना चलने के कारण आ रही परेशानियों पर विचार विमर्श किया।
सुनील, इंद्र, बंसी आदि ने प्रवासी मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि 10 दिनों से मंडी में खाली हाथ बैठे है। घर बार छोड़ कर मजदूरी करने के लिए यहां आए थे, लेकिन पिछले 10 दिनों से मंडी में धान की बिक्री ना होने के चलते हाथ बैठे है।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान पर लगभग 10 से 15 मजदूर है। खाली बैठ कहां से गुजारा करेंगे। खाने पीने के लिए हर रोज पैसे की जरूरत होती है। पैसा तो आढ़ती दे रहे हैं, लेकिन खाली बैठ कर अगर आढ़ती से एडवांस लेकर खाते रहे तो काम कैसे चलेगा। पीछे घर पर भी परिवार को छोड़कर आए हैं। कमाएंगे नही तो उनके लिए गुजारा कहां से होगा।
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मजदूरों ने मंडी प्रधान नरेश सहारण को कहा कि मंडी में जो धान की ढेरियां नमी वाली आई हुई है। उनकी सुखाई करने के लिए भी हमारी मजदूरी कुछ बढ़ा दी जाए। अगर मजदूरी नही बढ़ाई तो हम ना तो सुखाई करेंगे और ना ही धान की ढेरियों में पल्टी लगाएंगे।
मंडी प्रधान ने ने मजदूरों को आश्वासन दिया है कि आढ़तियों की मीटिंग बुलाकर बात करके मजदूरी संबंधी समस्या का समाधान किया जाएगा।