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गलत योजनाओं की सजा भुगत रहे कर्मी : जोगिंद्र
Wed, 17 Sep 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल में जून 2018 में 253 बहुउद्देशीय कर्मचारी सरकारी स्कूलों में लगाए गए थे, इन कच्चे कर्मचारियों को करीब 16 माह का वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का आरोप है कि मानदेय देने का ठेका हर वर्ष बदल दिया जाता है। मल्टीपर्पज वर्कर यूनियन के जिला प्रधान जोगिंदर सिंह ने बताया कि सरकार की गलत योजनाओं की सजा कर्मचारी भुगत रहे हैं।
शिक्षा विभाग में इनकी उपयोगिता बढ़ गई है और इन कच्चे कर्मचारियों से विभाग के मुखिया हर प्रकार का कार्य ले रहे हैं। एक तरह से इन कच्चे और ठेके पर भर्ती कर्मचारियों से पक्के कर्मचारियों से भी अधिक काम लिया जा रहा है और पक्का होने की आस में ये कर्मचारी स्थानीय मुखिया के हर कार्य करते हैं। इसके बावजूद इनका शोषण हो रहा है। भाजपा ने इनकी मांगों को दरकिनार किया है।
इनकी मांग है कि इनको शिक्षा विभाग में समायोजित किया जाए या कौशल रोजगार में समायोजित हो। पिछले आठ वर्षों में इन्होंने शिक्षा विभाग की सेवा की है। इन कर्मचारियों का अनुबंध 31 मार्च 2024 को खत्म हो चुका है लेकिन शिक्षा विभाग या हरियाणा सरकार की तरफ से इनको कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही संबंधित स्कूलों को आदेश दिए गए थे। आगामी आदेशों के अभाव में इनकी सेवा सुरक्षा पर खतरा हो गया है। मल्टीपर्पज वर्कर यूनियन के जिला प्रधान जोगिंदर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार तत्काल उनको पक्का करें और बकाया वेतन का जल्द प्रबंध करे। उन्होंने
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आरोप लगाया कि ठेकेदारों को उनके संबंध में जो राशि उपलब्ध कराई जाती थी, वह वास्तविक राशि भी इन कर्मचारियों को नहीं दी जाती थी।
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कैथल। कैथल में जून 2018 में 253 बहुउद्देशीय कर्मचारी सरकारी स्कूलों में लगाए गए थे, इन कच्चे कर्मचारियों को करीब 16 माह का वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का आरोप है कि मानदेय देने का ठेका हर वर्ष बदल दिया जाता है। मल्टीपर्पज वर्कर यूनियन के जिला प्रधान जोगिंदर सिंह ने बताया कि सरकार की गलत योजनाओं की सजा कर्मचारी भुगत रहे हैं।
शिक्षा विभाग में इनकी उपयोगिता बढ़ गई है और इन कच्चे कर्मचारियों से विभाग के मुखिया हर प्रकार का कार्य ले रहे हैं। एक तरह से इन कच्चे और ठेके पर भर्ती कर्मचारियों से पक्के कर्मचारियों से भी अधिक काम लिया जा रहा है और पक्का होने की आस में ये कर्मचारी स्थानीय मुखिया के हर कार्य करते हैं। इसके बावजूद इनका शोषण हो रहा है। भाजपा ने इनकी मांगों को दरकिनार किया है।
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इनकी मांग है कि इनको शिक्षा विभाग में समायोजित किया जाए या कौशल रोजगार में समायोजित हो। पिछले आठ वर्षों में इन्होंने शिक्षा विभाग की सेवा की है। इन कर्मचारियों का अनुबंध 31 मार्च 2024 को खत्म हो चुका है लेकिन शिक्षा विभाग या हरियाणा सरकार की तरफ से इनको कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही संबंधित स्कूलों को आदेश दिए गए थे। आगामी आदेशों के अभाव में इनकी सेवा सुरक्षा पर खतरा हो गया है। मल्टीपर्पज वर्कर यूनियन के जिला प्रधान जोगिंदर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार तत्काल उनको पक्का करें और बकाया वेतन का जल्द प्रबंध करे। उन्होंने
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आरोप लगाया कि ठेकेदारों को उनके संबंध में जो राशि उपलब्ध कराई जाती थी, वह वास्तविक राशि भी इन कर्मचारियों को नहीं दी जाती थी।