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Kaithal News: जलभराव की 10 वर्षों से मार झेल रहे ग्रामीण, हाईवे जाम का किया ऐलान
Mon, 19 Jan 2026 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:59 AM IST
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कलायत। गांव बात्ता की नाथवान पट्टी में पीथे वाला तालाब ग्रामीणों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं रह गया है। तालाब की सफाई और पानी की निकासी न होने के कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य गलियों में भर गया है। आलम यह है कि बस स्टैंड से सजुमा रोड को जोडऩे वाली मुख्य गली ने अब जोहड़ का रूप ले लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उनका खाना-पीना और घर से निकलना तक मुहाल हो गया है। स्थानीय निवासी एडवोकेट सुल्तान सिंह गोल्डी, जगदीश, सुभाष और विनोद ने रोष जताते हुए कहा कि यह समस्या करीब 10 साल पुरानी है। वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जब सांसद थे, तब उन्होंने गांव का दौरा कर समाधान का भरोसा दिया था। लेकिन चार साल बीतने के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से एक ईंट तक नहीं लगाई गई। निकासी के अभाव में गर्मियों में तो किसान खेतों की सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन सर्दियों में यह तालाब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन जाता है।
गंदे पानी और कीचड़ की वजह से पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल रही है, जिससे महामारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसी रास्ते से दर्जनों बच्चे स्कूल जाते हैं, जिनके साथ तालाब के पास होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे नेशनल हाईवे पर जाम लगा देंगे जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। संवाद
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वर्जन
गांव बात्ता का मामला मेरे संज्ञान में है। ग्रामीणों की समस्या की समस्या के समाधान के लिए जल्द ही स्थानीय ग्राम पंचायत के साथ परामर्श कर पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सके।
रितु, बीडीपीओ, कलायत।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उनका खाना-पीना और घर से निकलना तक मुहाल हो गया है। स्थानीय निवासी एडवोकेट सुल्तान सिंह गोल्डी, जगदीश, सुभाष और विनोद ने रोष जताते हुए कहा कि यह समस्या करीब 10 साल पुरानी है। वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जब सांसद थे, तब उन्होंने गांव का दौरा कर समाधान का भरोसा दिया था। लेकिन चार साल बीतने के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से एक ईंट तक नहीं लगाई गई। निकासी के अभाव में गर्मियों में तो किसान खेतों की सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन सर्दियों में यह तालाब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन जाता है।
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गंदे पानी और कीचड़ की वजह से पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल रही है, जिससे महामारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसी रास्ते से दर्जनों बच्चे स्कूल जाते हैं, जिनके साथ तालाब के पास होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे नेशनल हाईवे पर जाम लगा देंगे जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। संवाद
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गांव बात्ता का मामला मेरे संज्ञान में है। ग्रामीणों की समस्या की समस्या के समाधान के लिए जल्द ही स्थानीय ग्राम पंचायत के साथ परामर्श कर पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सके।
रितु, बीडीपीओ, कलायत।