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Kaithal News: रक्षाबंधन पर दशकों बाद बन रहे अति शुभ संयोग

Wed, 23 Aug 2023 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 23 Aug 2023 12:21 AM IST
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Very auspicious coincidences being made on Rakshabandhan after decades
कलायत। रक्षाबंधन पर 30 साल बाद इस वर्ष शुभ संयोग बन रहा है। रक्षा बंधन का पर्व कब मनाया जाए और किन-किन सुखद संयोगों में यह पर्व मनाया जाएगा। इस बारे पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि शश योग, धनिष्ठा नक्षत्र, अतिगड योग और मित्र आनंद योग के सुखद संयोग में रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इस साल रक्षाबंधन पर रवि योग भी पड़ रहा है जिससे कि इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिषशास्त्र की मानें तो यह शुभ संयोग है जो सारे दुष्प्रभावों को खत्म करता है और भाई-बहन के रिश्ते को किसी की नजर नहीं लगती।
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उन्होंने कहा कि इस बार रक्षाबंधन किस दिन पड़ेगा, इस बात पर लोगों में संशय बना है। दरअसल, यह त्योहार सावन मास के पूर्णिमा को मनाया जाता है। श्रावण पूर्णिमा या कजरी पूर्णिमा को रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। इसे मध्यकालीन भारत में राखी कहा जाने लगा। मान्यताओं के अनुसार राखी में भद्रा काल का ध्यान रखा जाता है। इस काल में राखी बांधने से रिश्ते पर असर पड़ता है।
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शांडिल्य ने बताया कि पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर्व 30 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि रक्षाबंधन के दिन रक्षा सूत्र बांधते समय भद्रा काल को ध्यान में रखना जरूरी है। इस बार सावन पूर्णिमा का आरंभ 30 अगस्त 2023 को प्रात: 10: 59 मिनट से होगा। पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्रा आरंभ हो जाएगी जो कि रात्रि 09: 02 तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा काल में श्रावणी पर्व मनाने का निषेध कहा गया है। इस समय के बाद ही राखी बांधना ज्यादा उपयुक्त रहेगा।


पौराणिक मान्यता के अनुसार राखी बांधने के लिए दोपहर का समय शुभ होता है। यदि दोपहर के समय भद्रा काल हो तो फिर प्रदोष काल में राखी बांधना शुभ होता है। ऐसे में जो लोग रात को राखी बांधना चाहते हैं वह इस दिन रात 09.02 मिनट के बाद रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं। जिन घरों में रात को राखी का त्योहार नहीं मनाया जाता है, वे लोग 31 अगस्त को सुबह 07: 05 से पहले राखी बांध सकते हैं। इसके बाद भाद्रपद की प्रतिपदा लग जाएगी। शांडिल्य ने बताया की 31 को अमृत काल मुहूर्त सुबह 05: 42 बजे से सुबह 07: 23 तक है। इस दिन सूर्य सिंह व चंद्रमा कुंभ में मौजूद रहने के साथ सुकर्मा योग भी होगा जो अति शुभ माना जाता है।
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