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Kaithal News: जिला अस्पताल में ओपीडी के लिए खुलेंगी दो खिड़कियां
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जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं और बच्चों को अब ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए घंटों कतार में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
अस्पताल प्रशासन इसी सप्ताह दो नई पंजीकरण खिड़कियां खोलने जा रहा है। इनमें एक खिड़की महिलाओं और दूसरी बच्चों के लिए आरक्षित होगी। इससे अस्पताल में पंजीकरण खिड़कियों की संख्या चार से बढ़कर छह हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने बढ़ती ओपीडी और पर्ची बनवाने में लग रहे समय को देखते हुए यह फैसला लिया है।
महिलाओं के लिए नई पंजीकरण खिड़की गायनी ओपीडी के पास खोली जाएगी, ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए दूसरी जगह न जाना पड़े। वहीं बच्चों के लिए पहले से संचालित पंजीकरण काउंटर पर एक अतिरिक्त खिड़की खोली जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। नई व्यवस्था से पर्ची बनवाने के साथ चिकित्सकों से परामर्श लेने में होने वाली देरी भी कम होने की उम्मीद है।
500 से बढ़कर दो हजार के पार पहुंची ओपीडी : जिला नागरिक अस्पताल का नया भवन बनने के समय रोजाना करीब 500 से 600 मरीज ओपीडी में पहुंचते थे। उस समय पंजीकरण के लिए चार खिड़कियां बनाई गई थीं। अब मरीजों की संख्या बढ़कर प्रतिदिन दो हजार से अधिक हो गई है लेकिन पंजीकरण खिड़कियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई थी। इसके कारण सुबह से ही काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों को उठानी पड़ती है। कई बार पर्ची बनवाने में ही काफी समय निकल जाता है और इसके बाद चिकित्सक से जांच करवाने के लिए दोबारा इंतजार करना पड़ता है। संवाद
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अस्पताल प्रशासन इसी सप्ताह दो नई पंजीकरण खिड़कियां खोलने जा रहा है। इनमें एक खिड़की महिलाओं और दूसरी बच्चों के लिए आरक्षित होगी। इससे अस्पताल में पंजीकरण खिड़कियों की संख्या चार से बढ़कर छह हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने बढ़ती ओपीडी और पर्ची बनवाने में लग रहे समय को देखते हुए यह फैसला लिया है।
महिलाओं के लिए नई पंजीकरण खिड़की गायनी ओपीडी के पास खोली जाएगी, ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए दूसरी जगह न जाना पड़े। वहीं बच्चों के लिए पहले से संचालित पंजीकरण काउंटर पर एक अतिरिक्त खिड़की खोली जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। नई व्यवस्था से पर्ची बनवाने के साथ चिकित्सकों से परामर्श लेने में होने वाली देरी भी कम होने की उम्मीद है।
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500 से बढ़कर दो हजार के पार पहुंची ओपीडी : जिला नागरिक अस्पताल का नया भवन बनने के समय रोजाना करीब 500 से 600 मरीज ओपीडी में पहुंचते थे। उस समय पंजीकरण के लिए चार खिड़कियां बनाई गई थीं। अब मरीजों की संख्या बढ़कर प्रतिदिन दो हजार से अधिक हो गई है लेकिन पंजीकरण खिड़कियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई थी। इसके कारण सुबह से ही काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों को उठानी पड़ती है। कई बार पर्ची बनवाने में ही काफी समय निकल जाता है और इसके बाद चिकित्सक से जांच करवाने के लिए दोबारा इंतजार करना पड़ता है। संवाद

जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
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