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Kaithal News: निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 3.63 लाख की ठगी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
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कैथल। पुलिस ने निवेश पर अधिक मुनाफा और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.63 लाख रुपये की ठगी के मामले में बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के गांव साखनी निवासी असलम अब्बास और मोद अब्बास को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने कमीशन के बदले साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराए थे।
अदालत से दोनों का दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने कहा कि सीवन निवासी संजय सैनी ने बताया था कि 6 जुलाई को उसके व्हाट्सएप पर एक संदेश आया जिसमें विभिन्न ब्रांडों के प्रचार के लिए ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर कमाई का लालच दिया गया। एक उत्पाद का स्क्रीनशॉट भेजने पर उसे 200 रुपये का जॉइनिंग बोनस मिला। इसके बाद उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां रिव्या अग्रवाल नाम से एक महिला निवेश संबंधी निर्देश देने लगी।
शुरुआत में उसने एक हजार रुपये निवेश किए, जिस पर 30 प्रतिशत लाभ के साथ 1,300 रुपये वापस मिले। इससे भरोसा बढ़ने पर उसने अलग-अलग किश्तों में पांच हजार, 21,800, 49,800, 16,800, 80 हजार, 1.65 लाख और 25 हजार रुपये विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में जमा करा दिए।
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ठगों ने उसके नाम से ओएसिस नाम का फर्जी वॉलेट बनाकर उसमें लाभ सहित 4.66 लाख रुपये की राशि दिखाई और भुगतान के नाम पर 2.50 लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
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अदालत से दोनों का दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने कहा कि सीवन निवासी संजय सैनी ने बताया था कि 6 जुलाई को उसके व्हाट्सएप पर एक संदेश आया जिसमें विभिन्न ब्रांडों के प्रचार के लिए ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर कमाई का लालच दिया गया। एक उत्पाद का स्क्रीनशॉट भेजने पर उसे 200 रुपये का जॉइनिंग बोनस मिला। इसके बाद उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां रिव्या अग्रवाल नाम से एक महिला निवेश संबंधी निर्देश देने लगी।
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शुरुआत में उसने एक हजार रुपये निवेश किए, जिस पर 30 प्रतिशत लाभ के साथ 1,300 रुपये वापस मिले। इससे भरोसा बढ़ने पर उसने अलग-अलग किश्तों में पांच हजार, 21,800, 49,800, 16,800, 80 हजार, 1.65 लाख और 25 हजार रुपये विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में जमा करा दिए।
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ठगों ने उसके नाम से ओएसिस नाम का फर्जी वॉलेट बनाकर उसमें लाभ सहित 4.66 लाख रुपये की राशि दिखाई और भुगतान के नाम पर 2.50 लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।