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Kaithal News: भाषा-वृक्ष गतिविधि से विद्यार्थियों ने जानी भारत की 22 भाषाएं
Thu, 11 Dec 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 11 Dec 2025 02:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरोही स्कूल ग्योंग में बुधवार को शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशानुसार भारतीय भाषा उत्सव के अंतर्गत ‘भाषाओं में बसे भारत का स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा लैब में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से भारतीय भाषा उत्सव का मुख्य संदेश-विविध भाषाओं का उत्सव मनाना, एक-दूसरे की भाषा सीखना और भाषा के माध्यम से एकता का प्रसार करना को आत्मसात किया।
विद्यार्थियों ने खेल-खेल में भाषा-वृक्ष गतिविधि के आधार पर भारत की 22 भाषाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर फ्लैश कार्ड्स की मदद से उन्हें इन सभी भाषाओं में अभिवादन करने के तरीके भी सिखाए गए।
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डॉ. विजय चावला ने बताया कि विद्यार्थियों ने ‘नमस्कार’ शब्द को बंदनवार से जोड़कर भाषाई विविधता का आकर्षक प्रदर्शन किया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान और देश की भाषाई विरासत के प्रति जागरूकता दर्शाते हुए विभिन्न भाषाओं में कविताओं का वाचन किया।
भारतीय भाषा उत्सव के तहत विद्यार्थियों ने कला समेकन और बहुभाषावाद के सिद्धांतों को अपनाते हुए अपनी-अपनी कहानियाँ भी विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रस्तुत कीं। डॉ. विजय चावला ने बताया कि कहानी एवं कविता सुनाने जैसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को शैक्षिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण लाभ मिले।
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कैथल। आरोही स्कूल ग्योंग में बुधवार को शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशानुसार भारतीय भाषा उत्सव के अंतर्गत ‘भाषाओं में बसे भारत का स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा लैब में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से भारतीय भाषा उत्सव का मुख्य संदेश-विविध भाषाओं का उत्सव मनाना, एक-दूसरे की भाषा सीखना और भाषा के माध्यम से एकता का प्रसार करना को आत्मसात किया।
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विद्यार्थियों ने खेल-खेल में भाषा-वृक्ष गतिविधि के आधार पर भारत की 22 भाषाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर फ्लैश कार्ड्स की मदद से उन्हें इन सभी भाषाओं में अभिवादन करने के तरीके भी सिखाए गए।
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डॉ. विजय चावला ने बताया कि विद्यार्थियों ने ‘नमस्कार’ शब्द को बंदनवार से जोड़कर भाषाई विविधता का आकर्षक प्रदर्शन किया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान और देश की भाषाई विरासत के प्रति जागरूकता दर्शाते हुए विभिन्न भाषाओं में कविताओं का वाचन किया।
भारतीय भाषा उत्सव के तहत विद्यार्थियों ने कला समेकन और बहुभाषावाद के सिद्धांतों को अपनाते हुए अपनी-अपनी कहानियाँ भी विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रस्तुत कीं। डॉ. विजय चावला ने बताया कि कहानी एवं कविता सुनाने जैसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को शैक्षिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण लाभ मिले।