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Kaithal News: शहर के लिए 10 दिन का पानी है शेष गहरा सकता है पेयजल संकट
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कैथल। नहरी पेयजल आपूर्ति का अब तक समाधान नहीं हुआ है। अब फिर से शहर में पेयजल की समस्या फिर से शुरू हो गई है। सिरसा ब्रांच नहर में गंदा व बाढ़ का पानी आने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में गंदगी और रेतीला पानी आ गया है। मशीनों से पानी काे फिल्टर करके उसकी घरों में आपूर्ति की जा रही है। फिल्टर करने के बाद भी रेत व गंदगी युक्त पानी घरों तक पहुंच रहा है। नहर में साफ पानी कब तक आएगा, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। दो दिन पहले भी हिमाचल में भारी बारिश हुई है, जिसका नहर में पानी आ रहा है। अभी टैंकों में 10 दिन का पानी शेष है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि नहर में साफ पानी न आने से शहर में पेयजल की समस्या गहरा सकती है।
गौरतलब है कि शहर की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी नहरी पानी पर निर्भर है। 30 प्रतिशत आपूर्ति ट्यूबवेल, सबमर्सिबल और अन्य माध्यम से होती है। विभाग के टैंकों में मात्र 10 दिन का पानी बचा है। ऐसे में जल्द साफ पानी नहीं मिलने की स्थिति में शहरवासियों को अब फिर से ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर रहना पड़ेगा। विभाग इस समय शहर में प्रति व्यक्ति के अनुसार 155 लीटर पानी दे रहा है। शहर में एक दिन में विभाग के प्योदा व मानस रोड स्थित टैंकों से 33 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति शहर में की जा रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले माह आई बाढ़ के कारण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था खराब हुई थी। हालांकि कई दिन शहर में पेयजल की किल्लत रही और शहरवासी शिकायतें लेकर विभाग के कार्यालय में पहुंचे। इसके बाद नहर में आने वाला पानी साफ होने लगा था और इसकी आपूर्ति विभाग के टैंकों में शुरू हो गई थी। दो दिन पहले ही पहाड़ों में भारी बारिश होने के कारण फिर से नलों में गंदा पानी पहुंचने लगा तो विभाग ने नहर से पानी लेना बंद कर दिया है। जनस्वास्थ्य विभाग के जेई रविंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने नहर से पानी लेना बंद कर दिया है। शहरवासियों की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नहर में साफ पानी को लेकर बातचीत की गई है। जैसे ही नहर में साफ पानी आएगा तो विभाग के टैंकों में आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अभी टैंकों में 10 दिन का पानी शेष है।
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गौरतलब है कि शहर की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी नहरी पानी पर निर्भर है। 30 प्रतिशत आपूर्ति ट्यूबवेल, सबमर्सिबल और अन्य माध्यम से होती है। विभाग के टैंकों में मात्र 10 दिन का पानी बचा है। ऐसे में जल्द साफ पानी नहीं मिलने की स्थिति में शहरवासियों को अब फिर से ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर रहना पड़ेगा। विभाग इस समय शहर में प्रति व्यक्ति के अनुसार 155 लीटर पानी दे रहा है। शहर में एक दिन में विभाग के प्योदा व मानस रोड स्थित टैंकों से 33 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति शहर में की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार पिछले माह आई बाढ़ के कारण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था खराब हुई थी। हालांकि कई दिन शहर में पेयजल की किल्लत रही और शहरवासी शिकायतें लेकर विभाग के कार्यालय में पहुंचे। इसके बाद नहर में आने वाला पानी साफ होने लगा था और इसकी आपूर्ति विभाग के टैंकों में शुरू हो गई थी। दो दिन पहले ही पहाड़ों में भारी बारिश होने के कारण फिर से नलों में गंदा पानी पहुंचने लगा तो विभाग ने नहर से पानी लेना बंद कर दिया है। जनस्वास्थ्य विभाग के जेई रविंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने नहर से पानी लेना बंद कर दिया है। शहरवासियों की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नहर में साफ पानी को लेकर बातचीत की गई है। जैसे ही नहर में साफ पानी आएगा तो विभाग के टैंकों में आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अभी टैंकों में 10 दिन का पानी शेष है।
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