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पाकिस्तान ने धोखे से शुरू किया था युद्ध, भारत ने किया अंत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 12:51 AM IST
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The world had accepted the iron of my soldiers
16-कैथल। भूतपूर्व सैनिक समिति के विश्राम गृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपने विचार रखते पूर्व - फोटो : Kaithal
कैथल। कारगिल दिवस की पूर्व संध्या के मौके पर भूतपूर्व सैनिक विश्राम गृह में सोमवार को ‘अमर उजाला’ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें भूतपूर्व सैनिक समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान वर्ष 1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध के संबंध में संवाद किया। इसमें पूर्व सैनिकों ने बताया कि भारत देश की सेना पूरे विश्व में अपने पराक्रम के लिए जानी जाती है। जिस समय कारगिल का युद्ध शुरू हुआ। उस समय बॉर्डर के कई हिस्सों पर तैनात सेना को भी यह अनुमान नहीं था कि पाकिस्तान ऐसी घिनौनी हरकत करेगा। उस समय पाकिस्तान ने ही धोखे से युद्ध शुरू किया था। भारतीय सैनिकों ने अपना जज्बा दिखाते हुए इस युद्ध का अंत किया। संवाद कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में शामिल रहे कैप्टन बलजीत मोर, राजेश ढुल व सूबेदार संजीव राणा भी मौजूद थे।
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पहले पाक ने की थी घुसपैठ
पाकिस्तान भारत को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को नहीं छोड़ता है। वर्ष 1999 में शुरू हुए युद्ध के दौरान पाकिस्तान सेना के जवानों ने ही भारत के क्षेत्र में घुसपैठ की थी। शुरुआत में दो जवानों को शहीद किया था। इसके बाद से ही युद्ध शुरू हुआ था। -सूबेदार मेजर खजान सिंह
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सैंकड़ों सैनिक हुए थे शहीद
कारगिल का युद्ध तीन मई से शुरू होकर 26 जुलाई तक चला था। इसमें दोनों तरफ ही सैंकड़ों सैनिक शहीद हुए। इस युद्ध में कभी-कभी ऐसा मंजर होता था कि देश के लोगों की भी सांसे थम जाती थी, लेकिन भारतीय जांबाज सैनिकों की बदौलत यह लड़ाई अंत में भारत जीता। -कैप्टन आभे राम
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जवानों में था काफी रोमांच
कारगिल युद्ध में शामिल होने वाले अधिकतर जवानों की आयु 22 से 28 वर्ष के बीच की थी। इसलिए युद्ध को लेकर उनमें काफी रोमांच रहा। पाकिस्तान ने धोखे से शुरू किया था युद्ध, भारत ने इसका अंत किया। -भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रधान मास्टर जगजीत सिंह

बाद में दी गई जानकारी
जब कारगिल युद्ध शुरू हुआ था तो शुरुआत में तो भारतीय सेना ने मीडिया को भी किसी प्रकार की जानकारी नहीं थी। भारतीय सेना ने 15 दिनों के बाद देश के लोगों को सूचना देने के लिए मीडिया को जानकारी दी। -सूबेदार धर्मचंद
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